2010 में एक स्कूल में कार्यरत महिला सफाई कर्मचारी के साथ हुए तथाकथित सामूहिर बलात्कार मामले में कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया है। आरोप है कि एक स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षक सहित चार लोगों जिन्होंने कथित रूप से महिला सफाई कर्मचारी से स्कूल परिसर में गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था।
अब मामले में शिकायत दर्ज करने में हुई चार साल की देरी के कारण अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया है। मामले में अदालत ने कहा कि देरी के कारण पीड़िता के पास आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य नहीं हैं। इसलिए अदालत ने 2010 में महिला के साथ बलात्कार के आरोपी स्कूल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रिंसिपल और एक शिक्षक को बरी कर दिया है।
बता दें कि महिला ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह 2009 के बाद से स्कूल में एक सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत थीं। घटना के दिन नेशनल ओपन स्कूल (एनओएस) द्वारा एक परीक्षा आयोजित की गई थी। रविवार होने के बावजूद उस दिन भी उन्हें स्कूल बुलाया गया था। उसी दिन महिला के साथ गैंगरेप किया गया।
अदालत ने कहा कि अभियोजन यह साबित करने में विफल रहा कि एनओएस ने 2010 में किसी भी रविवार को आरोपी के स्कूल में कोई परीक्षा आयोजित कराई थी। इस कारण महिला बलात्कार के दावे को साबित नहीं कर सकी।
वहीं महिला ने यह भी आरोप लगया था कि अधिकारियों ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसे आग के हवाले कर दिया जाएगा। इसलिए महिला ने डर के कराण घटना के तुरंत बाद प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई थी। जबकि मार्च 2013 में उसे नौकरी से निकाल दिया था। इस पर अदालत ने कहा कि चूंकि वह एक गैर सरकारी संगठन के माध्यम से नियुक्त की गई थी, इसलिए स्कूल के अधिकारियों की धमकी का उन पर कोई असर नहीं पड़ा होगा।