दिल्ली में भाजपा सांसदों की टोली इनदिनों आम जनता की परेशानियों को दूर करने में जुटी है। मंगलवार को जहां केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से मिलकर दिल्ली के अनाधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करने समेत कई समस्याओं के समाधान पर पहल की तो वहीं बुधवार को दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था ठीक करने के लिए ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी से मुलाकात किए।
बैठक में सांसदों ने ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरीडोर को जल्द से जल्द बनाने की मांग की तो वहीं निजामुद्दीन से मेरठ तक एलिवेटेड रोड बनाने को कहा। सांसदों ने बिटुमिनस रोड की जगह सीमेंटेड रोड बनाने की भी मांग की।
दिल्ली से मेरठ की दूरी को समेटने के लिए एलिवेटेड रोड बनाने की योजना केंद्र सरकार बनाने में जुटा है। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर से मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब हुए दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने बताया कि दो सप्ताह के भीतर निजामुद्दीन से मेरठ तक एलिवेटेड रोड बनाने का रास्ता साफ कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के बन जाने के बाद दिल्ली से 52 किलोमीटर की दूरी आधे घंटे में मेरठ तक तय की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि यही एलिवेटेड रोड अगले चरण में हरिद्वार तक चला जाएगा। ढाई साल में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी लागत आठ हजार करोड़ के करीब होगी।
ईस्टर्न व वेस्टर्न कॉरीडोर भी मिलेगी रफ्तार
उन्होंने यह भी बताया कि शहादरा से जीटी रोड की कनेक्टिविटी ठीक करने को लेकर बैठक में चर्चा की गई। इसके साथ ही बदरपुर से गुड़गांव को जोड़ने पर भी केंद्रीय मंत्री से बातचीत की गई। बैठक में मौखिक सहमति केंद्रीय मंत्री ने दी है।
भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद मीनाक्षी लेखी ने बताया कि ईस्टर्न और वेस्टर्न कोरीडोर को भी जल्द ही पूरा किया जाएगा। ताकि हरियाणा और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर पर इन राज्यों से आने वाली ट्रैफिक को दिल्ली में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे दिल्ली की ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर कर लिया जाएगा।
बता दें कि 2006 में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे की योजना बनी थी जिसमें दोनों पेरीफेरल के बीच 135 किलो मीटर की लंबी सड़क बननी हैं। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के बाहर एक रिंग रोड के रूप में निर्मित किया जाना है जिससे कि दिल्ली के बाहर जाने वाली गाड़ियों को दिल्ली के बाहर से ही रास्ता दिया जा सके।
यह कॉरिडोर गाजियाबाद से होकर हरियाणा में कुंडली और पलवल को जोड़ेंगे और यह सोनीपत, फरीदाबार, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों को वाईपास करते हुए उत्तर प्रदेश और हरियाणा को जोड़ेंगे।
शीला सरकार की योजना ठंडे बस्ते में
सरकार बदलते ही शीला दीक्षित सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार सिग्नेचर ब्रिज का मामला ठंडे बस्ते में जाता दिखने लगा है। भाजपा का मानना है कि इसके बदले साधारण ब्रिज बनाकर लोगों को सुविधा दी जानी चाहिए।
बुधवार को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद सांसद मीनाक्षी लेखी ने बताया कि सिग्नेचर ब्रिज फिलहाल भाजपा सरकार के मुख्य एजेंडे में शामिल नहीं है। पूर्वी दिल्ली की ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए कुछ नए ब्रिज बनाए जाएंगे। ताकि पूर्वी दिल्ली के लोगों को रिंग रोड सीधी कनेक्टिविटी मिल सके।
वहीं सांसद रमेश बिधूड़ी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में नहीं डाला गया है। सिग्नेचर ब्रिज का काम पूरा करने के लिए केंद्र सरकार फिर से टेंडर जारी करेगी।
तो ये है सांसदों का डेवलपमेंट प्लान!
सांसद मीनाक्षी लेखी ने बताया कि उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में पानी की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने यमुना में दो बैराज बनाने का निर्णय लिया है। इस बैराज के बन जाने से पूर्वी दिल्ली इलाके में रहने वाले लोगों की पानी की समस्या से भी निजात मिल सकेगी।
भाजपा सांसदों ने बताया कि यमुना की सफाई के दौरान निकले बदरपुर (बालू) का इस्तेमाल सड़क बनाने में होगा। दरअसल, सांसदों ने दिल्ली में सीमेंटेड सड़क बनाने की मांग की थी। उनका यह भी कहना है कि जिस भी कंपनी को सड़क बनाने का टेंडर जारी किया जाएगा उसे यमुना से निकले बालू का उपयोग करना होगा। इससे सड़क निर्माण में लागत भी कमी आएगी।
सांसद महेश गिरी ने बताया कि विकास मार्ग के ट्रैफिक समस्या का भी समाधान जल्द निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री गडकरी ने पूर्वी दिल्ली में रिंग रोड से जुड़ने वाली सड़कों पर जाम की समस्या से निपटने के लिए योजना तैयार करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कहा है।