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नोएडा उपचुनाव: यहां छिड़ी है वर्चस्व की लड़ाई

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नोएडा के मतदाता शनिवार को फिर वोट का प्रयोग करके विधायक का चुनाव करेंगे। पिछले दो साल चार माह में नोएडा ने तीन चुनाव देखे हैं। इन चुनावों में हर बार डॉ. महेश शर्मा को परीक्षा देनी पड़ी है। इस बार राह और कठिन हो गई है क्योंकि सपा और कांग्रेस ने सेंध लगाने की पूरी तैयारी कर ली है।
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ध्यान देने की बात है कि नए परिसीमन में नोएडा विधानसभा के पहले चुनाव मई 2012 में हुए थे। पहला विधायक बनने का सौभाग्य डॉ. महेश शर्मा को मिला था। इसके बाद 2014 में जब लोकसभा चुनाव आए तो वह सांसद चुने गए। सीट खाली हुई तो 13 सितंबर को उपचुनाव में मतदान होना है।

सांसद की परीक्षा इस बार कठिन है क्योंकि वह खुद मैदान में नहीं हैं और प्रत्याशी के रूप में विमला बाथम को वोट मिलने हैं। परिणाम जो भी होगा, उसके लिए डॉ. महेश शर्मा ही जिम्मेदार होंगे। क्योंकि टिकट दिलवाने से लेकर चुनाव प्रचार का जिम्मा उन्हीं के कंधों पर रहा है। सांसद के सामने अपनी साख बचाने की चुनौती है।
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जी जान से उतरी सपा, कांग्रेस ने चली चाल

वहीं, इस बार सपा ने भी नोएडा को प्रतिष्ठा की सीट बना लिया है। सबसे पहले टिकट घोषित करके ब्राह्मण प्रत्याशी काजल शर्मा पर दांव खेला। काजल के पति गुड्डू पंडित डिबाई से और गुड्डू के छोटे भाई मुकेश शर्मा शिकारपुर से विधायक हैं।

इसके अलावा कई कैबिनेट मंत्री, दो पूर्व सांसद समेत सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारियों ने नोएडा में चुनावी माहौल बनाने में कसर नहीं छोड़ी है। सीट झटककर वह भाजपा के वर्चस्व को तोड़ने का सपना देख रहे हैं।

इसके अलावा इस बार कांग्रेस ने गुर्जर प्रत्याशी राजेंद्र अवाना को टिकट देकर एक तीर से कई निशाने साधे हैं। साफ सुधरी छवि के अलावा नोएडा के मूल निवासी के साथ ही वो गांव के निवासी भी हैं।

शहर में कांग्रेस का वोट अच्छा खासा है। इस बार बसपा चुनाव नहीं लड़ रही है, उन वोटों का भी आसरा है। खास बात यह है कि भाजपा और सपा की लड़ाई में कांग्रेस को विश्वास है कि उन्हें इसका फायदा जरूर मिलेगा।
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2017 चुनावों के लिए है आईना

यह चुनाव 2017 के विधानसभा चुनाव की आहट है। दिल्ली से नजदीक नोएडा की सीट जो भी जीतेगा, वह कह सकता है कि अगली बाजी भी उसी के हाथ आएगी।

भाजपा चाहती है कि वह अपना किला न ढहने दे, वहीं सपा चाहती है कि नोएडा सीट जीतकर आगे का रास्ता साफ कर दे। पिछले लोकसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस प्रत्याशी ने मंझधार में वोटरों को छोड़कर पार्टी छोड़ दी थी। इस बार कांग्रेसियों को मौका मिला है। वह भी अपनी मजबूत नींव को देखना चाहते हैं।

गड़बड़ी फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीएम
जिला निर्वाचन अधिकारी एवी राजामौली ने मतदान में गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि सभी पार्टियां अपने-अपने बूथ पर पहुंच गई है।

मतदान के दौरान जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट, एसएसपी केंद्रों का दौर करेंगे। उन्होंने सभी लोगों से मतदान करने की अपील करी। डीएम ने कहा कि लोग पोलिंग बूथ से 200 मीटर की दूरी तक वाहनों का प्रयोग कर सकते हैं।

इन नंबरों पर कर सकते हैं शिकायत
कलेक्ट्रेट में चुनाव कंट्रोल रूम के प्रभारी अपर जिला अधिकारी शिशिर सिंह को बनाया गया है। मतदाता या मतदान कर्मी 0120-2932023, 2353114 और 2353004 पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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