दिल्ली विधानसभा की आचरण समिति की रिपोर्ट पर भाजपा विधायक ओपी शर्मा को अगले दो सत्रों के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया। उन्हें विधायक अलका लांबा पर अपमानजनक टिप्पणी करने का दोषी माना गया है।
हालांकि आचरण समिति ने सदस्यता खत्म करने का प्रस्ताव किया था, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सदन में प्रस्ताव रखा कि अगर ओपी शर्मा अपनी गलती मान लेते हैं तो उन्हें माफ कर देते हैं। निलंबन के बाद शर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश की गई है।
बृहस्पतिवार को विधानसभा में ओपी शर्मा के निलंबन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आप विधायक भावना गौड़ ने प्रस्ताव को सदन में रखा, जिस पर चर्चा शुरू की गई। विपक्ष यह कहकर सदन से बाहर निकल गया कि इस तरह की चर्चा जनहित का विषय नहीं है, सदन की अवमानना है।
केजरीवाल बोले अलका छोटी बहन की तरह है, उनका अपमान बर्दाश्त नहीं
उधर, चर्चा में आप विधायकों ने भाजपा व भाजपा विधायकों को महिलाओं का अपमान करने पर आड़े हाथों लिया और प्रस्ताव का समर्थन किया। इस बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुद्दा काफी गंभीर है।
ओपी शर्मा ने कई बार सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। विधायक अलका लांबा छोटी बहन की तरह है, कोई भी उनका अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता। शर्मा ने माफी भी नहीं मांगी।
उन्होंने कहा कि हमें बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए। मेरा प्रस्ताव यह है कि सदन को एक मौका देना चाहिए। सदन में वह गलती मान लेते हैं, भविष्य में ऐसा नहीं करने को कहते हैं तो उन्हें माफ कर देते हैं।
अलका लांबा को मेरी बातों से ठेस लगी है तो मैं खेद प्रकट करता हूं
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सदन के तरफ से शर्मा को संदेश भेजा जाए कि क्या वे अपनी गलती को मानने को तैयार हैं। इस प्रस्ताव के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को सदन में आने के लिए आमंत्रित किया। सदन के सदस्यों ने ओपी शर्मा से माफी मांगने को कहा, इस पर शर्मा ने दलील में कहा कि मेरे पूरे वाक्य को पूरा होने नहीं दिया गया।
अलका लांबा मेरी छोटी बहन जैसी है, अगर उन्हें मेरे बातों से ठेस लगी है तो मैं खेद प्रकट करता हूं। इसके बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उन्हें दो सत्रों के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा।
विधायक वंदना गौड़ ने संशोधित प्रस्ताव रख कहा कि पक्ष-विपक्ष को बराबर समझते हुए सदन लचीला रुख अपनाता है और सदन दो सत्र के लिए निलंबित करने पर सहमत है।
सदन के बाहर लांबा ने कहा कि मै शर्मा को माफ नहीं करने वाली
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निलंबन के बाद ओपी शर्मा ने कहा कि मेरे खिलाफ साजिश हुई है। आधे-अधूरे बयान पर कार्रवाई की गई है। अलका लांबा तो टूल है। यह साजिश केजरीवाल की है। इस मामले में विशेषज्ञों से बात करेंगे और निलंबन के आदेश को चुनौती देंगे। इस मुद्दे पर अध्यक्ष ने अलका लांबा को राय रखने के लिए कहा। लांबा ने कहा कि मैं निराश हूं। मैं सदन से बाहर जाना चाहती हूं। सदन के बाहर लांबा ने कहा कि मै शर्मा को माफ नहीं करने वाली। भले ही मुझे बहन कह रहे हों लेकिन मैं उन्हें भाई का दर्जा नहीं दे सकती। अपनी कुर्सी बचाना चाह रहे हैं वह।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन में कहा कि संख्या बल में कम होने के कारण भाजपा विधायकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। आप के 67 विधायक भाजपा के 3 विधायकों को सहन नहीं कर पा रहे हैं। पिछले साल सदन में 26 नवंबर को अलका लांबा ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की उपस्थिति में थप्पड़ मारने की कोशिश की।
आप विधायक नितिन त्यागी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया, सदन में धक्का-मुक्की की कोशिश की गई। विपक्ष के विशेषाधिकार का हनन किया गया। चोर, अपराधी ठहरा कर माफी मंगवाना ठीक परंपरा नहीं है। इस बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग दिल्ली की जनता का आदर करते हैं। आपसे भरोसा जनता का खत्म हो गया है, यही वजह है कि आप महज तीन हैं। इस पर गुप्ता ने कहा कि हम तीन नहीं 33 प्रतिशत हैं।