धौलाना के पूर्व विधायाक असलम चौधरी व उनके बेटे शाहनवाज समेत अन्य के खिलाफ मसूरी थाने में जलालाबाद मंडल के भाजपा उपाध्यक्ष राजा दीवान ने रिपोर्ट दर्ज करायी है। राजा दीवान ने उनके ऊपर पैतृक जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं, पूर्व विधायक ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
मसूरी निवासी भाजपा उपाध्य आदिल यामीन उर्फ राजा दीवान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि खसरा नंबर 838 व 840 पर आबादी से सटी 16 बीघा पैतृक जमीन है। आदिल ने बताया कि इसमें करीब चार बीघा जमीन उनके द्वारा पहले प्लाटिंग कर बेची जा चुकी है। बसपा के पूर्व विधायक असलम चौधरी का बेटा शाहनवाज 6 जुलाई 2022 की रात को उनकी जमीन पर पहुंचा और 622 वर्ग गज प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी आरोपियों ने तोड़ दिए।
इसकी जानकारी लगने पर वह पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए। आरोपी तभी से उनकी जमीन पर कब्जा करने और जमीन को विवादित बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जमीन पर अपना दावा करने के लिए शाहनवाज ने कुछ फर्जी दस्तावेज भी तैयार कर लिए हैं। मसूरी पुलिस को इस मामले में पहले भी शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। परेशान होकर पीड़ित आदिल ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी। इसके बाद असलम चौधरी, उनके बेटे शाहनवाज उमरी समेत 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसीपी मसूरी नरेश कुमार ने बताया कि असलम चौधरी हिस्ट्रीशीटर है। पहले दर्ज मुकदमों का पूरा रिकॉर्ड निकलवाया जा रहा है। मामले की जांच शुरू करा दी गई है। मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पूर्व विधायक असलम चौधरी का कहना है कि उन्होंने जमीन बतौर बैनामा खरीदी है। कुछ रुपये इसमें नकद व कुछ ऑन रिकॉर्ड दिया गया है। राजनीति और षडयंत्र के तहत इस तरह का आरोप लगाया जा रहा है। जमीन पर कब्जा करने के आरोप में कोई सच्चाई नहीं है। फर्जीवाड़ा व अन्य पहले कई मुकदमे आदिल व उनके परिवार के लोगों पर दर्ज हैं, जिनमें पुलिस ने चार्जशीट भेजी है।