संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उन्हें भाजपा की ओर से पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था। उन्होंने यह दावा दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद अपने शहर लौटने पर किया।
दीपके ने कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान उनके माता-पिता और व्यापारिक सहयोगियों को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। दीपके ने भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और दिल्ली पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मामला अब केवल किसी एक आंदोलन या विपक्ष का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का है।
बाबा रामदेव और कंगना रनौत के बयानों पर दिया जवाब
आंदोलन के दौरान युवा पीढ़ी को लेकर बाबा रामदेव की ओर से दिए गए बयान पर भी दीपके ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव को अपने पतंजलि उत्पादों पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, आज की युवा पीढ़ी देश के मुद्दों को समझने और संभालने में सक्षम हैं। वहीं, सांसद कंगना रनौत के जेन जी को लेकर दिए गए बयानों पर कहा कि 18 से 22 साल के युवा देश के भविष्य के मतदाता हैं। उन्होंने सवाल किया कि सामान्य परिवारों से आने वाले इन युवाओं की आलोचना करने से क्या हासिल होगा। आंदोलन को विदेश से फंडिंग मिलने के आरोपों पर दीपके ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में ऐसा हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और एजेंसियों की है।