राजधानी में सत्तर विधानसभा और सात लोकसभा सीटें हैं। लेकिन राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं का दावा सही साबित करने के लिए इक्कीस सीटें बनानी पड़ेंगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व चांदनी चौक प्रत्याशी हर्षवर्धन, कांग्रेस के अजय माकन और ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल के शब्दों ने तो कुछ ऐसा ही इशारा किया है।
वर्तमान में दिल्ली में कुल सात लोकसभा सीटें हैं। जिन पर गुरुवार को दिल्लीवासियों ने रिकॉर्ड मतदान किया।
इन नेताओं के समीकरण हैं दिलचस्प
दरअसल वोटिंग के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व चांदनी चौक प्रत्याशी हर्षवर्धन, नई दिल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन और ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल दिल्ली में सात-सात सीटें जीतने का दावा किया है। इसके पीछे सभी नेताओं के अपने समीकरण हैं।
चुनाव में भाजपा जहां मोदी की लहर के भरोसे जीत का दम भर रही है तो कांग्रेस मतदाताओं का रुख देखकर जीत के दावे कर रही है।
वहीं आम आदमी पार्टी के नेता पिछले विधानसभा चुनाव में दिल्ली में मिली अप्रत्याशित जीत से आगे और जनाधार बढ़ने का दावा कर रहे हैं।
बीजेपी को मोदी की लहर पर भरोसा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व चांदनी चौक से प्रत्याशी हर्षवर्धन का कहना है कि उन्हें सातों सीट जीतने को लेकर कोई डाउट नहीं है। बात सिर्फ मोदी लहर की नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी ने काम के दम पर पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि वह प्रचार में जिधर भी गए हर जगह मोदी की ही चर्चा थी। फिर वोटिंग में भी सब कुछ वैसा ही दिखा। इसलिए दिल्ली तो बीजेपी की है।
वहीं उत्तर पूर्वी दिल्ली से प्रत्याशी मनोज तिवारी कहते हैं ‘आप’ तो वोट कटवा पार्टी है।
केजरीवाल के पिता ने भी किया दावा
दिल्ली की सातों सीटों पर जीत का दम अकेले भाजपा ही नहीं भर रही है उसके साथ ही दूसरी पार्टियां भी पूरे दमखम से जीत का दावा कर रही हैं।
AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल तिलक मार्ग स्थित कॉलेज ऑफ आर्ट में वोट देकर निकले तो दावा किया कि उनकी पार्टी सातों सीटें जीतेगी। उनके पिताजी ने भी कुछ ऐसी ही बात दोहराई।
जबकि दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने कहा, जीत हमारी नहीं आम आदमी की होगी। जरनैल सिंह ने कहा-जनता ने बदलाव के लिए वोट किया है।
अजय माकन दावा भी कम नहीं
कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा ने नई दिल्ली में वोट किया। राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने मीडिया से बात नहीं की, लेकिन प्रियंका ने कहा देश में कहीं भी मोदी लहर नहीं है।
जबकि सोनिया गांधी के साथ मतदान केन्द्र पर पहुंचे अजय माकन ने दावा किया कि कांग्रेस सातों सीट जीतेगी। उन्होंने कहा कि प्रचार के दौरान जो रेस्पांस उन्हें मिला है, उसके हिसाब से वह यह दावा कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव में करारी हार पर माकन ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के मुद्दे अलग हैं और प्रत्याशी भी अलग हैं। हारून यूसुफ ने कहा है कि अल्पसंख्यक सतर्कता से वोट करते हैं, फिरकापरस्त को कभी वोट नहीं करेंगे और केजरीवाल को सब समझ गए हैं।