दिल्ली भाजपा की उलझन बढ़ती जा रही है। पहले तो सिर्फ सरकार बनाने और नहीं बनाने की उलझन थी। लेकिन अब तीन विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा ने भी पार्टी की परेशानी बढ़ा दी है।
पार्टी को अब यह डर सताने लगा है कि अगर उपचुनाव से पहले अल्पमत की सरकार बन जाती है और पार्टी उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई तो उसे किरकिरी का सामना करना पड़ेगा।
राजधानी में भाजपा विधायकों की मौजूदा संख्या 29 है वहीं आम आदमी पार्टी के 27 विधायक हैं। ऐसे में अगर दिल्ली में भाजपा की सरकार बन गई और उपचुनाव में प्रदर्शन खराब हुआ तो स्थिति बेहद ही नाजुक हो जाएगी।