दिल्ली विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए कितना अहम है इसे इस बात से समझा जा सकता है कि नामांकन के साथ ही पूरे चुनाव को केंद्रीय नेतृत्व ने संभाल लिया है।
मंगलवार देर शाम पंडित पंत मार्ग स्थित भाजपा कार्यालय में अचानक से भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महामंत्री बीएल संतोष, प्रकाश जावड़ेकर समेत कई राष्ट्रीय नेता पहुंच गए।
केंद्रीय नेतृत्व ने भाजपा अध्यक्ष के कमरे में बैठकर चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, पार्टी के प्रदेश महामंत्री समेत सभी पदाधिकारियों को तलब किया गया।
सभी के साथ चुनाव की तैयारियों और रणनीतियों पर चर्चा की गई। सभी 70 विधानसभा में प्रत्याशियों की कमी व मजबूती से अवगत हुए। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़े।
प्रचार के लिए कहा गया कि वह छोटी-छोटी सभा पर विशेष जोर दें ना कि बड़ी-बड़ी रैलियों पर। बाहरी उम्मीदवारों को भी पूरा समर्थन देने को कहा। प्रदेश नेताओं को आप को कैसे घेरा जाए इसके भी टिप्स दिए गए। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर चुनावी कैंपेन करने की रणनीति भी तैयार की गई।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कार्यालय पहुंचे आलाकमान ने टिकट की दौड़ में पीछे रह गए नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि क्षेत्र में जाकर चुनावी कमान संभाले। जनता की नब्ज टटोल कर उन्हें केंद्र सरकार की नीतियों से अवगत कराए। गुटबाजी छोड़ चुनाव जिताने पर ध्यान दें।
केजरीवाल के प्रति लोगों में आक्रोश
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि नई दिल्ली विधानसभा में बड़ी संख्या में निर्दलीय नामांकन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रति आक्रोश का प्रमाण है। इस क्षेत्र की जनता उपेक्षा से त्रस्त है। चुनाव नामांकन को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हर बार ड्रामा करते हैं। देरी से पहुंचते हैं और वेटिंग नंबर लेकर लाइन में लगते हैं।