केंद्र में भाजपा की सरकार बनने से पहले ही उसके पार्षदों के तेवर बदल गए हैं। उन्होंने उपराज्यपाल से ही दो-दो हाथ करने का ऐलान किया है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सदन की बैठक में उपराज्यपाल के निर्देश पर राजधानी में शुरू हुई सीलिंग कार्रवाई के विरोध में भाजपा पार्षद एकजुट हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि सीलिंग कार्रवाई बंद कराने के लिए वे जल्दी ही उपराज्यपाल से मिलेंगे। उन्होंने अधिकारियों को भी कार्रवाई जल्द रोकने को कहा।
कांग्रेस ने भी किया प्रस्ताव का समर्थन
इस संबंध में उन्होंने एक प्रस्ताव पास किया। डिप्टी मेयर की ओर से प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव का स्थायी समिति के अध्यक्ष मोहन भारद्वाज ने अनुमोदन किया। कांग्रेस के पार्षदों ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया।
विपक्ष के नेता मुकेश गोयल ने कहा कि भाजपा सीलिंग व तोड़फोड़ के मसले पर नगर निगम की सत्ता पर काबिज हुई थी, लेकिन वह सीलिंग कार्रवाई रोकने में शुरू से ही नाकाम रही है।
उनके शासन में सीलिंग व तोड़फोड़ की कार्रवाई बदस्तूर जारी है। उन्हें नगर निगम की सत्ता से त्यागपत्र दे देना चाहिए।
बीजेपी ने किया बड़ा बदलाव
भाजपा ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को बदल दिया।
पार्टी ने दक्षिण दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति के उपाध्यक्ष को बदलने का फैसला किया है। हालांकि उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति में कोई परिवर्तन नहीं किया है।
भाजपा ने बीबी त्यागी को पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति का अध्यक्ष और पूर्व डिप्टी मेयर ऊषा शास्त्री को समिति का उपाध्यक्ष बनाने का फैसला किया है। त्यागी ने सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल कर दिया।
पार्टी में उठी विरोध की आवाज
त्यागी फिलहाल वह सदन के नेता हैं। अब उनकी जगह पूर्व मेयर नारायण दूबे को सदन का नेता बनाया जाएगा।
वहीं पार्टी अभी तक ग्रामीण समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए पार्षदों के नाम तय नहीं कर पाई है। सूत्रों के मुताबिक कई पार्षदों ने इस समिति की कमान संभालने से इनकार कर दिया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार इस फैसले से कई पार्षदों में रोष है। कुछ पार्षदों ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. हर्षवर्धन से मिलकर इस बाबत अपनी नाराजगी दर्ज कराई है। दूसरी ओर भाजपा ने दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने स्थायी समिति के उपाध्यक्ष के लिए पंकज कुमार का नामांकन दाखिल कराया है।