दस्तावेज के मुताबिक किए गए कुल खर्च (रुपये में)
- आंतरिक सजावट पर 11.30 करोड़
- पत्थर और संगमरमर के फर्श पर 6.02 करोड़
- आंतरिक परामर्श पर एक करोड़
- विद्युत फिटिंग और उपकरणों पर 2.58 करोड़
- अग्निशमन प्रणाली पर 2.85 करोड़
- अलमारी पर 1.41 करोड़ रुपये
- सामान फिटिंग, रसोई के उपकरणों पर 1.1 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री के सरकारी आवास स्थित कैंप कार्यालय के लिए स्वीकृत 9.99 करोड़ रुपये के अलावा 8.11 करोड़ रुपये किए गए खर्च
कई बार गिर चुकी हैं छत
आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने इस मामले में पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि मित्र डोनाल्ड ट्रंप के तीन घंटे के दौरे पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च किए गए। गुजरात और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री अपने लिए 200 करोड़ के हवाई जहाज लेते हैं। लेकिन इसकी कहीं चर्चा नहीं होती। कक्कड़ ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल को 1942 में एक एकड़ से भी कम क्षेत्र में बना बंगला आवंटित किया गया। इसकी छतें तीन बार गिर चुकी हैं। एक बार उनके माता-पिता के कमरे की छत गिर गई। एक बार वहां छत गिरी जहां जनता दरबार लगाया गया था। कक्कड़ ने इसकी एक वीडियो का भी हवाला दिया है। कक्कड़ ने निशाना साधते हुए कहा कि एलजी के 6 एकड़ में फैले बंगले की पुताई और मरम्मत में दिल्ली के मुख्यमंत्री के घर बनाने के खर्च से अधिक होती है।
उन्होंने आगे कहा कि हमें ज्ञात हुआ है कि अपने खिलाफ आई इन खबरों को ना छापने के बदले अरविंद केजरीवाल ने अखबारों और मीडिया को 20 से 50 करोड़ रुपये देने की बात कही है। लेकिन हम धन्यवाद देते हैं मीडिया के अपने साथियों का जिन्होंने पूरी मुखरता के साथ इसे छापा। ये अरविंद केजरीवाल और उनके भ्रष्टाचार की कहानी है। जनता इसे देखे और महाराज को पहचाने।