बिसाहड़ा गांव में धारा-144 लागू होने के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ वहां पहुंच कर धारा का उल्लंघन करने के मामले में तीन नेताओं के खिलाफ सीजेएम गौतमबुद्धनगर की न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया।
वहीं दो नेताओं के मामले की जांच एसडीएम दादरी को सौंपी गई है। इन पांचों नेताओं के खिलाफ जारचा पुलिस ने रिपोर्ट दी थी। बिसाहडा गांव में इकलाख की हत्या के बाद तनाव बढने पर जिला प्रशासन ने धारा-144 लागू कर दी थी।
गांव में परिवार के लोगों से मिलने के लिए केवल चार लोगों को ही जाने दिया जा रहा था। किसी भी समुदाय के जनसभा और बैठक करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। बावजूद इसके 3 अक्तूबर को गौतमबुद्धनगर के सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा सैंकड़ों समर्थकों के साथ बिसाहडा गांव पहुंचे।
इनकी भी बढ़ गई है परेशानी
उन्होंने गांव के मंदिर परिसर में सैंकड़ों लोगों के साथ जनसभा की। 4 अक्तूबर को बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी समर्थकों के साथ इकलाख के परिजनों से मिलने बिसाहडा पहुंचे।
विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची भी समर्थकों के साथ बिसाहड़ा पहुंचीं, लेकिन पुलिस ने गांव में जाने से रोका दिया। उनके द्वारा भी धारा 144 का उल्लंघन किया गया।
वहीं समर्थकों के साथ पहुंचे भाजपा विधायक ठाकुर संगीत सोम ने मंदिर परिसर में जनसभा कर भडकाऊ भाषण दिए। हिंदू युवा वाहिनी के सदस्य जितेंद्र त्यागी ने भी समर्थकों के साथ बिसाहडा पहुंचकर मंदिर में सभा की।
इन पर पहले ही दर्ज हो चुका है मामला
अपर जिलाधिकारी प्रशासन चंद्रशेखर की अनुमतिे पर भाजपा विधायक संगीत सोम, विश्व हिंदू परिषद नेता साध्वी प्राची और हिंदू युवा वाहिनी के सदस्य जितेंद्र त्यागी के खिलाफ सीजेएम गौतमबुद्धनगर की न्यायालय में मुकदमा दर्ज किया गया।
वहीं अपर जिलाधिकारी ने बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी और सांसद डॉ. महेश शर्मा के मामले की जांच एसडीएम दादरी राजेश कुमार सिंह को सौंपी है। दोनों नेताओं के धारा 144 के उल्लंघन करने के मामले की जांच की जा रही है।
वहीं इससे अलावा भाजपा के फायरब्रांड विधायक संगीत सोम और साध्वी प्राची के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज हो चुका है।