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आप भी देखना चाहेंगे बीते जमाने का बाइस्कोप?

Mon, 10 Feb 2014 05:50 PM IST
ओम प्रकाश/ अमर उजाला, फरीदाबाद
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सूरजकुंड क्राफ्ट मेला अंतरराष्ट्रीय जरूर है, लेकिन इसमें देसी चीजों की भरमार है। इसमें से एक है बाइस्कोप, जिसे हम गुजरे जमाने का सिनेमा कह सकते हैं।
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क्राफ्ट मेले में नई पीढ़ी खासकर बच्चों को बाइस्कोप से परिचित करवाया जा रहा है, ताकि उन्हें पता चल सके कि गुजरे जमाने में गांवों का सिनेमा कैसा होता था।

राजस्थान के अजमेर जिले के रहने वाले भंवरलाल बाइसकोप लेकर आए हैं। खासकर विदेशी सैलानी इसे देखने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

मेले के विभिन्न हिस्सों में बाइस्कोप रखे गए हैं, ताकि नई पीढ़ी के लोग पुराने जमाने के इस सिनेमा से रूबरू हो सकें। जान सकें कि पहले लोग सिर्फ चित्र देखकर और गानों से मनोरंजन कर लिया करते थे।
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उसमें लोग बाइस्कोप वाले को अनाज देकर बर्मिंघम पैलेस भी देखते थे और ताज भी। भंवरलाल कहते हैं कि टीवी ने इस सिनेमा को गांवों से भी बेदखल कर दिया है, अब यह सिर्फ मेलों तक सिमट गया है।
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कई बदलाव दिखे
समय के साथ बाइस्कोप ने भी बदलाव देखे हैं। भंवरलाल कहते हैं कि शुरू में इस पर ग्रामोफोन से गाना चलाया जाता था। वह इसकी शान हुआ करता था। फिर उसका दौर गया तो आठ गीतों वाला कैसेट आया। फिर सीडी आ गई। अब सीडी भी गुजरे जमाने की बात हो गई। अब एक पेन ड्राइव में ही दो सौ गाने हैं।
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