ग्रेटर नोएडा। प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति बॉयोमैट्रिक सिस्टम से दर्ज करने की तैयारी है। शासन ने जिला प्रशासन से स्कूलों का डाटा मांगा है। स्कूलों की संख्या और शिक्षकों की तैनाती का डिटेल तैयार हो रहा है।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) कुमार विनीत ने बताया ने प्राथमिक स्कूलों में शासन स्तर से बॉयोमैट्रिक सिस्टम लगाने की तैयारी की जा रही है। सरकारी शिक्षकों के स्कूल से गायब रहने और समय से नहीं पहुंचने की शिकायतों के बढने के चलते कदम उठाया है।
शासन ने जिला प्रशासन से जिले में प्राथमिक स्कूलों की संख्या और उनमें अध्यापकों की तैनाती का रिकॉर्ड मांगा है। ऐसे अध्यापकों के बारे में भी जानकारी मांगी है, जिनकी शिकायतें अधिक आई है। शासन के आदेशों का पालन कराने के लिए स्कूलों का डाटा संबंधित विभागों से मांगा है।
उन्होंने बताया कि बॉयोमैट्रिक सिस्टम लगने के बाद अगर अध्यापक देरी से पहुंचते हैं तो उनका वेतन काटा जाएगा। यदि टीचर तीन दिन लगातार 5 मिनट देरी से पहुंचेगा तो उसका एक दिन का वेतन और 10 मिनट देरी से पहुंचने वाले शिक्षक का आधा दिन का वेतन काटने का नियम है।
इससे अलग हर महीने स्कूल इंचार्जों को ई-मेल द्वारा टीचरों की वेतन संबंधित जानकारी दी जाएगी।