पूछताछ में पता चला कि तस्करी के इस खेल में सरफराज अहमद और युसूफ खान उर्फ गुड्डू डॉक्टर के अहम भूमिका है। दोनों को इस काम में डेढ़ लाख रुपये मिलते थे, जिसमें वह चालक तुफैल चौधरी को 25000 रुपये देते थे। एंटी नारकोटिक्स सेल को मेरठ से तीनों के गाजियाबाद होते हुए पश्चिम बंगाल जाने की लोकेशन मिल रही थी।
एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिबंधित दवाई के तस्करी में सरफराज अहमद ने मेरठ से फार्म के गद्दे का ईमेल बनाकर झांसा देने का प्रयास किया था, लेकिन वह पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने गाजियाबाद के लोगों के भी नाम बताए हैं पुलिस उनकी भूमिका पता कर रही है।