आम्रपाली बिल्डर के सीईओ ऋतिक कुमार सिन्हा और डायरेक्टर निशांत मुकुल को लेबर सेस जमा नहीं करने पर सोमवार को एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को दादरी तहसील की हवालात में रखा गया है। श्रम विभाग के लेबर सेस के रूप में 4.39 करोड़ रुपये जमा नहीं करने पर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
एसडीएम दादरी अमित कुमार सिंह ने बताया कि आम्रपाली पर श्रम विभाग की ओर से 1.78 करोड़ रुपये लेबर सेस 2015 का बकाया था। मगर उसे बिल्डर की ओर जमा नहीं किया गया। इस पर उप श्रमायुक्त बीके रॉय की ओर से एक करोड़ 78 लाख पर एक करोड़ 78 लाख की ही पेनाल्टी लगाई और 83 लाख रुपये ब्याज लगाकर 4 करोड़ 39 लाख रुपये की मार्च 2017 में आरसी जारी की थी।
पिछले माह जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार के नेतृत्व में ड्रम बजाकर वहां पर नीलामी की चेतावनी भी दी थी। मगर बिल्डर की ओर से लेबर सेस को जमा नहीं किया गया। इसी के चलते सोमवार शाम नोएडा सेक्टर-62 स्थित आम्रपाली जोडियक के आफिस को सील करने के लिए एसडीएम दादरी अमित कुमार सिंह, तहसीलदार पीएल मौर्या के नेतृत्व में 3 थानों की टीम गई थी।
जब टीम ने सील करने काम शुरू किया तो आम्रपाली के सीईओ (सीएमडी अनिल शर्मा के दामाद) ऋतिक कुमार सिन्हा और कंपनी के निदेशक निशांत मुकुल को गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम ने बताया कि गिरफ्तार करने के बाद दादरी तहसील लाया गया और दोनों को तहसील की हवालात में रखा गया है।