शुरुआत में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाने का प्रयास किया। इससे भीड़ और हिंसक हो गई। लोगों ने पुलिस पर लाठी-डंडों से हमला करने के अलावा पथराव शुरू कर दिया। गुस्साई भीड़ ने तारा अपार्टमेंट और उसके आसपास सड़क पर खड़ी 100 से अधिक गाड़ियों के शीशे तोड़ने के अलावा कुछ बाइकों में आग भी लगा दी। हालात बिगड़ते देखकर पुलिस को हवाई फायरिंग करने के अलावा आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पुलिस ने भीड़ को खूब दौड़ाया।
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इस बीच, भीड़ में मौजूद लोग तुगलकाबाद और गोविंदपुरी की गलियों में घुस गए। शाम करीब 7 बजे शुरू हुआ बवाल करीब 8:30 बजे तक चला। पुलिस ने भीड़ में शामिल नेताओं समेत दर्जनों लोगों को हिरासत में ले लिया।
बवाल के दौरान दक्षिणी दिल्ली और दक्षिण-पूर्व दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा। बवाल और हमले के दौरान पुलिस के कई जवानों समेत भीड़ में मौजूद लोग जख्मी हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
संयुक्त आयुक्त समेत दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे। देर शाम अतिरिक्त पुलिस बल की कई कंपनियों को मौके पर बुलाया गया। बवाल के दौरान कितनी बाइकों को आग लगाई गई और कितनी कारों व अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, पुलिस उसका आंकलन करने में लगी हुई थी। बवाल के दौरान स्थानीय लोगों को भी खासी परेशानी हुई। लोग अपने-अपने घरों में बंद हो गए।