लॉकडाउन के दौरान दिल्ली समेत देशभर में लाखों रोवर रेंजर्स और अन्य युवाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए भारत स्काउट गाइड ने ऑनलाइन प्रोजेक्ट ‘संकल्प’ शुरू किया है।
दिल्ली के लगभग 12 हजार और देशभर में लगभग 25 लाख छात्रों को इस प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है। प्रोजेक्ट के माध्यम से भारत स्काउट गाइड के रोवर रेंजर्स को धरती, पर्यावरण, सामाजिक बनावट और आज के मुताबिक सबसे महत्वपूर्ण सोशल डिस्टेंसिंग व डिजिटल तरीके से काम करने के बारे में सिखाया जा रहा है।
प्रोजेक्ट को आधुनिक युग के मुताबिक डिजाइन किया गया है। इसे चार खंडों में विभाजित किया गया है, जिसमें से पहला खंड हेल्थ एंड वेल बीइंग, दूसरा इनवायरमेंट सस्टेनेबिलिटी, तीसरा अर्थ आवर और चौथा डिजिटल स्काउटिंग गाइडिंग है।
प्रत्येक खंड के अंदर कई चुनौतियां दी गई हैं, जिनका प्रत्येक रोवर रेंजर्स को पालन करना है। हेल्थ और वेल बीइंग के अंदर जिन चुनौतियों को लेने की बात की गई है, उनमें सबसे पहले अपने दोस्तों को फोन कर कोविड-19 की जानकारी देनी है। खुद को हर हाल में घर पर रखना है। समय-समय पर हाथ धोते रहना है। अपना ख्याल स्वयं रखना है।
इसी तरह अन्य खंडों में भी महत्वपूर्ण चुनौतियों को शामिल किया गया है। दिल्ली में इंद्रप्रस्थ स्थित भारत स्काउट गाइड के उप निदेशक प्रोजेक्ट अरूप सरकार ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान बच्चों की परीक्षाएं स्थगित हैं, अगला सत्र कब शुरू होगा तय नहीं है, ऐसे में संकल्प प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल लर्निंग है। तीन से पांच अप्रैल को इसमें 25 लाख स्काउट गाइड हिस्सा लेंगे। भारत स्काउट गाइड के निदेशक राजकुमार कौशिक ने इस प्रोजेक्ट को लांच किया।