संजय निरुपम ने कहा कि आज के समय में इस यात्रा की बेहद ही आवश्यकता थी। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी भारतीयों को समृद्धि का सपना दिखाया था। इसके विपरीत उन्होंने पिछले आठ सालों में महंगाई, बेरोजगारी, सामाजिक तनाव और ध्वस्त होती संस्थाओं का एक भयानक अनुभव दिया है। भारत जोड़ो यात्रा तीन प्रमुख समस्याओं पर केन्द्रित है। इनमें पहली आर्थिक असमानताएं हैं, दूसरी सामाजिक भेदभाव है और तीसरी राजनीतिक तौर पर जरूरत से अधिक केंद्रीकरण शामिल है।
उन्होंने कहा कि इन तीन प्रमुख समस्याओं के खिलाफ सभी भारतीयों को एकजुट करने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि आज देश की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। अमीर और अमीर हो रहे हैं और गरीब और गरीब हो रहे हैं। आम लोग आसमान छूती महंगाई और बेरोजगारी से परेशान हैं। किसान और खेत मजदूर कर्ज के बोझ तले दबे हुए है। देश की 70 सालों में बनी परिसंपत्तियां भारी नुकसान पर प्रधानमंत्री के अरबपति पूंजीपति मित्रों को बेची जा रही है।
चौ. अनिल कुमार ने कहा कि आज सामाजिक तौर पर हमें जाति, धर्म, भाषा, खान-पान, वेशभूषा के आधार पर बांटा जा रहा है। हर रोज देशवासियों को एक-दूसरे से लड़ाने के लिए नए-नए षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। लोगों में भय का माहौल है, विशेष तौर पर महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। सत्ताधारी पार्टी सामाजिक विभाजन हमारी एकता को कमजोर कर रही है, जिससे हमारे दुश्मनों को मदद मिलती है।
संवाददाता सम्मेलन में कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, पूर्व मंत्री डॉ. नरेन्द्र नाथ, पूर्व विधायक हरी शंकर गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल, अली मेंहदी, कम्युनिकेशन विभाग के वाईस चेयरमैन परवेज आलम, प्रदेश प्रवक्ता डा. नरेश कुमार और विक्रम लोहिया भी मौजूद थे।
यात्रा बुधवार को कन्याकुमारी से शुरू हो रही है और जम्मू कश्मीर तक चलेगी। यात्रा 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी। देश भर से ऐसे 118 भारत यात्रियों का चयन किया गया है जो कन्याकुमारी से कश्मीर तक चलेंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश कांग्रेस समितियां 100 प्रदेश यात्रियों और अन्य राज्यों से अतिथि यात्रियों का चयन कर रही है। यात्रा में हर वक्त 300 मूल यात्री होंगे।