श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शिवचरण लाल शर्मा ने कहा है कि उन्हें टिकट देने के लिए सारी पार्टियां तैयार हैं।
कांग्रेस टिकट के लिए तो खुद मुख्यमंत्री उनके साथ खड़े होंगे। लेकिन उनका टिकट जनता तय करेगी। उनको निर्दलीय जिताने वाली जनता जिस पार्टी से कहेगी उससे लड़ लूंगा। उन पर सांसद भड़ाना द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने भाजपा में जाने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। लोकसभा चुनाव में साथ नहीं देने के सांसद अवतार भड़ाना के आरोपों पर शर्मा ने कहा कि अवतार सिंह भड़ाना के खिलाफ उनके क्षेत्र की जनता में जबर्दस्त नाराजगी थी। इसके बावजूद 27 सभाएं करके मैंने उनके लिए वोट मांगे।
शर्मा ने बताया कि मेरे पास कई बार मुख्यमंत्री का भी फोन आया कि इस सीट को निकालने के लिए कड़ी मेहनत करनी है। इसलिए हमारे परिवार और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के लिए काम किया। भड़ाना किसी विधानसभा से हार जाएं लेकिन मेरा दावा है कि वह एनआईटी में नहीं हारेंगे। यह 16 मई को पता चल जाएगा।
एक सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा कि श्रमिकों की सेवानिवृत्ति उम्र 60 साल करने और न्यूनतम वेतन 8100 रुपये करने के फैसले पर वह कायम हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि विधानसभा चुनाव से पहले ये दोनों काम हो जाएंगे। मैंने सरकार को पहले ही बता दिया है कि 8100 रुपये का फैसला नहीं हो पाने से श्रमिकों में नाराजगी है।
शर्मा ने सीएम का बचाव करते हुए कहा कि नौकरियां सभी जगह के लोगों की लग रही हैं। मैं भी सीएम होता तो अपने क्षेत्र के लोगों को अधिक तवज्जो देता। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में शर्मा ने प्रदेश के कद्दावर कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मंत्री एसी चौधरी को हराकर एनआईटी विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को समर्थन किया और उन्हें पुरस्कार स्वरूप मंत्री की कुर्सी मिली।