सुरक्षा गार्ड कमलेश कुमार ने बताया कि बंदरों से यात्रियों के बचाव के लिए यहां ड्यूटी लगाई गई है। गार्ड ने बताया कि पिछले सप्ताह लिफ्ट से बाहर निकलते हुए एक यात्री का बचाव करते हुए गार्ड को एक बंदर ने काट लिया। कमलेश ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए उन्हें तैनात किया गया है। कुछ और स्टेशनों पर ऐसे गार्ड तैनात किए गए हैं। ड्यूटी पर मुस्तैद कर्मियों की कोशिश रहती है कि यात्रियों को बंदरों या दूसरे जानवरों के कारण मेट्रो परिसर में किसी तरह की दिक्कत न आए।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने बंदर या दूसरे जानवरों की मौजूदगी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी। इसमें यात्रियों से अपील की गई है कि बंदरों या दूसरे जानवरों को खाने का सामाना न दिखाएं। अगर सामने से फिर भी नहीं हटे तो शांति से चलें। ऐसी स्थिति में बंदर या किसी और जानवर को मारें नहीं। जहां तक संभव हो जानवरों से दूरी बनाए रखें। फिर भी किसी तरह की परेशानी होती है तो स्टेशन कर्मियों या हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दें।
डीएमआरसी के मुताबिक अगर किसी स्टेशन पर बंदर प्रवेश करता है तो तत्काल इसकी सूचना दें। मेट्रो कर्मी कोच में पहुंचकर अगले स्टेशन से बंदर को बाहर निकालने की कोशिश करेंगे। फिर भी अगर बंदर बाहर नहीं निकलता है तो मेट्रो को खाली कराया जाएगा। यात्रियों के लिए दूसरी मेट्रो की सुविधा मुहैया की जाएगी ताकि सफर में सुरक्षा की चिंता न रहे।
ब्लू लाइन पर मयूर विहार और नोएडा सेक्टर-16 तक जबकि येलो लाइन पर छतरपुर से गुरुग्राम के बीच के कई मेट्रो स्टेशनों पर बंदरों के पहुंचने की आशंका बनी रहती है। आसपास के इलाकों में पेड़ों की अधिक संख्या होने के कारण वहां रहने वाले बंदर अक्सर मेट्रो स्टेशनों की तरफ भी रुख कर लेते हैं। अक्सर खाने की तलाश में बंदर किसी भी परिसर या मेट्रो में प्रवेश करते हैं। ऐसे सभी स्टेशनों की पहचान कर वहां एहतियाती उपाय दिल्ली मेट्रो की तरफ से किए जा रहे हैं।