नूर नगर (राजनगर एक्सटेंशन) शहर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने की दिशा में एक और प्रगति हुई है। स्टेडियम निर्माण के लिए मेरठ मंडलायुक्त ने 15 एकड़ एलएमसी जमीन के पुर्नग्रहण प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी है।
20 एकड़ निजी जमीन के लिए (धारा चार) क ी कार्यवाही चुकी है। कमिश्नर से हरी झंडी मिलते ही जीडीए ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को जमीन उपलब्ध कराने संबंधी पत्र भेज दिया है।
उत्तर प्रदेश का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम
गाजियाबाद में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट मैदान बनता है तो शहर की युवा प्रतिभाओं की दिल्ली समेत अन्य शहरों की दौड़ खत्म हो जाएगी। शहर का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा। उत्तर प्रदेश का यह दूसरा स्टेडियम कानपुर के ग्रीन पार्क से भी बड़ा होगा।
जीडीए बीसीसीआई को देगा 30 एकड़ जमीन
बीते दिनों शहर में क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए बीसीसीआई ने जीडीए से जमीन मांगी थी। जीडीए ने भी बीसीसीआई के प्रस्ताव को हाथोंहाथ लेते हुए जमीन देने पर सहमति जताई थी।
नूर नगर में स्टेडियम के लिए करीब 35 एकड़ जमीन दी जाएगी। इसमें 15 एकड़ जमीन एलएमसी की थी। इसके लिए जीडीए ने पुर्नग्रहण प्रस्ताव मेरठ मंडलायुक्त को भेजा था। मंडलायुक्त मंजीत सिंह ने इस फाइल पर साइन कर दिए हैं।
जीडीए उपाध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि बीसीसीआई ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए जमीन की मांग की है। 15 एकड़ एलएमसी और करीब इतनी ही जमीन अधिग्रहण कर बीसीसीआई को दी जाएगी। बीसीसीआई यह जमीन प्राधिकरण से खरीदेगा।
चमकेगा गाजियाबाद का नाम
जीसीए चेयरमैन राकेश मिश्रा ने कहा कि स्टेडियम बनने से शहर का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा। शहर में अंतर्राष्ट्रीय मैच होने से शहर के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के अनुभवों का लाभ मिलेगा। अब तक सिर्फ कानपुर के ग्रीन पार्क में ही अंतर्राष्ट्रीय मैच होते थे। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात होगी।