मेवात क्षेत्र में प्याज की बंपर पैदावार होने के साथ ही अब यहां प्याज को कोई पूछने वाला नही मिल रहा है। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। अगर प्याज के दामों में आगे भी गिरावट रही तो इससे क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
मेवात में इस बार प्याज की बंपर पैदावार होने के साथ ही मेवात के प्याज ने दिल्ली व एनसीआर की मंडियों में आसमान छूती प्याज की कीमतों को कम कर दिया है। प्याज की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि उन्होंने इस वजह से प्याज की खेती की थी कि उन्हें अच्छी आमदनी हो जाएगी। पंरतु पिछले 15 दिनों में मेवात की प्याज ने बढ़ते दामों को गिरा दिया।
बता दें कि पिछले वर्ष मेवात में प्याज की अधिक पैदावार होने से प्याज के दाम 10 रुपये प्रति किलो तक हो गए थे। जानकारों का कहना है कि जब मेवात व उसके आस-पास के क्षेत्रों में प्याज की इतनी पैदावार हुई है तो सरकार को विदेश से प्याज खरीदने की क्या जरूरत है।
क्षेत्र के गांव भोंड के जाकिर, हारून, किशन व अगोन के लखमीचंद व पाठखोरी के जाकिर, सिधरावट के इसलाम, जुहरूदीन आदि किसानों का कहना है कि प्याज की खेती में इस बार उन्होंने एक एकड में लगभग 50 से 60 हजार रुपये की लागत आई है। परंतु प्याज के दामों में आई गिरावट से उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि सरकार उनकी प्याज को खरीदे और विदेशों से प्याज को मंगवाने से बंद करें।