गर्मी बढने के साथ ही नींबू की मांग बढने से कीमत में इजाफा हो गया है। अब तक बाजार में 60 से 80 रुपये किलो बिकने वाला नींबू 120-150 रुपये किलो बिक रहा है। नींबू की कीमत बढने से शिकंजी कीमत में 50 फीसदी इजाफा हो गया है।
10 रुपये प्रति गिलास वाली शिकंजी अब 15 रुपये हो गई है। जिन लोगों ने दाम में इजाफा नहीं किया, उसकी गिलास छोटी हो गई है या पानी की मात्रा बढ़ा दिया है। कुछ तो गर्मी के मौसम में नींबू पानी की बढ़ी डिमांड और कुछ समय फसलों के नुकसान के चलते समूचे प्रदेश में नींबू के दाम अचानक ही आसमान पर पहुंच गए हैं।
अभी एक-दो महीने पहले तक थोक मंडी में यही नींबू 40 से 50 रुपये प्रति किलो बिक रहे थे, पर करीब दो सप्ताह से इनके दाम पहले 80 रुपये फिर 120 रुपये किलो जा पहुंचा है। अनाज मंडी के थोक व्यापारी महेश गिरी कहते है फिलहाल इस स्थिति में जल्द ही कोई फर्क नहीं पडने वाला है। इस गर्मी के पूरे सीजन में नींबू के दाम इसी तरह से आसमान में ही चढ़े रहेंगे।
पिछले साल भी नींबू 100 रुपये किलो बिका था। वैसे भी गर्मियों के मौसम में राह चलते ठेलों पर नींबू शरबत, घरेलू व होटल डिमांड से नींबू की खपत बहुत बढ़ जाती है। एक मंडी से 500-700 किलो प्रति दिन की खपत है।
पैदावार में भी हुई है कमी
हरियाणा में सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, भिवानी में मुख्य रूप से नींबू की खेती होती है। गुडग़ांव, फरीदाबाद के बाजारों की मंडी में यहां से आपूर्ति होती है, लेकिन इस बार प्रदेश में मौसम के बेरूखी के कारण नींबू की पैदावार प्रभावित हुई है।
बागवानी विभाग के मुताबिक पूरे प्रदेश में करीब 40 फीसदी नींबू की फसल छोटी हुई है और कुछ बर्बाद हो गए हैं। बारिश से नींबू के फूल और छोटे फल नीचे जमीन पर जा गिरे गए थे। अब इसका असर थोक व खुदरा बाजार में देखने को मिल रहा है। थोक विक्रेता जगदीश बताते है आंध्र प्रदेश के एलुरगुडूल से भी मंगाया जाता है।