आप नेता सोमनाथ भारती ने सोमवार को विधानसभा में महिला सुरक्षा पर दिए गए बयान पर मंगलवार को सफाई दी । उन्होंने कहा कि विपक्षी दल उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।
उनका इरादा महिलाओं पर बदजुबानी करना कतई नहीं था। उनके बयान को बेंच मार्क मुहावरे के तौर पर देखा जाना चाहिए। सुरक्षा की कहानी में ऐसे उदाहरण रखे जाते हैं।
दरअसल, महिला सुरक्षा के मसले पर बोलते हुए सोमवार को विधानसभा में सोमनाथ भारती ने कहा था कि दिल्ली सरकार को पूरी आजादी मिल जाए तो गहनों से लदी सुंदर महिलाएं बिना किसी डर के आधी रात के बाद भी बाहर जा सकेंगी।
'विपक्ष को दिल्ली सरकार से तकलीफ'
यह बयान आने के बाद विपक्षी पार्टियों ने भारती पर हमला बोल दिया। बचाव की मुद्रा में आए भारती ने सफाई दी कि सुंदर महिलाओं वाले उनके बयान को बेंच मार्क (संदर्भ आधार) के तौर पर लेना चाहिए।
भारत में रहने वाले लोग जानते हैं कि सुरक्षा को लेकर दिए जाने वाले उदाहरण में इस तरह के मुहावरे बोले जाते रहे हैं। भारती ने कहा कि राजधानी में महिलाओं के प्रति अपराधों की तादाद लगातार बढ़ रही है।
पुलिस कमीश्नर कह चुके हैं कि वे मुख्यमंत्री के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। ऐसे में, दिल्ली सरकार कुछ ठोस कदम उठाना चाहती है तो विपक्षियों को तकलीफ होने लगती है।
'कार्रवाई की जानकारी नहीं है'
भारती ने यह भी कहा कि कांग्रेस-भाजपा को आरोप लगाने की जगह अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
उनके नेता आए दिन महिलाओं के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं। खिड़की एक्सटेंशन रेड मामले में उपराज्यपाल नजीब जंग की तरफ से दिल्ली पुलिस को केस दर्ज करने की इजाजत मिलने की खबरों पर भारती का कहना है कि उन्हें अभी इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है।
मामले से संबंधित कोई कागजात हाथ में आएंगे, तभी कुछ बोलना उचित रहेगा।