सम्मेलन के दौरान अपनी बात करते हिमांशु गौतम
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डिजिटलाइजेशन के युग में सही विषय के चुनाव और तकनीक की मदद से हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपनी सोच के साथ जोड़ सकते हैं और अपनी बात उन तक पहुंचा सकते हैं। आज फेसबुक, लिंक्डइन, टेलीग्राम जैसे अनेक प्लेटफार्म हैं, जिनके माध्यम से लोग एक दूसरे से सीधे जुड़े हुए हैं।
वह जमाना बीत गया जब किसी को मेल भेजने के बाद फोन करके बताना होता था कि देखना मेल किया है। ये सब डिजिटलाइजेशन के कारण हुआ है। आईआईटी दिल्ली के वार्षिक सम्मेलन बीकॉन-2024 में टेक फॉर ऑल विषय पर आयोजित चर्चा में यह बातें अमर उजाला की ओर से शामिल हुए हिमांशु गौतम ने कहीं। इस कार्यक्रम में अमर उजाला ने एक्सीलेंस पार्टनर की भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि आज भी छोटे टाउन के बच्चे ग्रेजुएशन के बाद ये तय नहीं कर पाते कि उनका भविष्य कहां है। ऐसे बच्चों के लिए उन्होंने डिजिटल स्किलिंग प्लेटफार्म सफलता डॉट कॉम शुरू किया। डिजिटलाइजेशन के युग में ये प्लेटफार्म उभरकर सामने आया है। यहां कोई भी अपने भविष्य की संभावनाएं तलाश सकता है। उन्होंने अमर उजाला डॉट कॉम से जुड़े अनुभवों को साझा करते हुए बताया, 2015 में इनके सामने बड़ी चुनौती रही कि कैसे मुक्तेश्वर में बैठे व्यक्ति को अमर उजाला की वेबसाइट तक लेकर आया जाए। दरअसल, आज की तुलना में तब लोगों को मोबाइल डाटा सीमित मिलता था और यह महंगा था। लेकिन डिजिटलाइजेशन के बाद अमर उजाला की वेबसाइट पर लोगों की पहुंच 30 लाख से बढ़कर सात करोड़ तक जा पहुंची।
उन्होंने मौजूदा केंद्रीय बजट में शामिल लखपति दीदी और ड्रोन रिवोल्यूशन जैसे उदाहरण पेश किए। उन्होंने कहा, ये सब टेक फॉर ऑल के उदाहरण हैं। इस कार्यक्रम में जेनसोल इलेक्ट्रिक वेहिकल के सीईओ और को फाउंडर प्रतीक गुप्ता, यूलू ई-बाइक के फाउंडर हेमंत गुप्ता, एडब्ल्यूएस इंडिया के एडवाइजर अनुराग सेठ और रेफिन टेक के फाउंडर समीर अग्रवाल भी वक्ता के रूप में शामिल रहे। सबने डिजिटाइजेशन, अपने उद्यम और तकनीक जैसे विषयों पर आईआईटी दिल्ली के छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए। छात्रों ने इनसे सवाल जवाब किए। अतिथियों ने सवालों के यथोचित उत्तर दिए।
तनीशा ने संचालक की भूमिका निभाई
इस एक घंटे के सत्र में आईआईटी दिल्ली की छात्रा तनीशा सिंह ने संचालक की भूमिका निभाई। शनिवार को अलग-अलग सत्र में पूर्व आईपीएस और एलजी रहीं किरण बेदी, इन्फोएज के को-फाउंडर संजीव विकचंदानी और जस्ट डायल से वी कृष्णन शामिल थे। रविवार को अलग-अलग सत्र में पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा और सिड-बी के चीफ जनरल मैनेजर सत्य प्रकाश सिंह शामिल होंगे। इससे पहले 31 जनवरी को केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसका उद्घाटन किया था।