तावडू़ पंचायत विभाग द्वारा एक आवेदक को सूचना आयोग के निर्देश के बाद भी आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर राज्य सूचना आयोग ने तावडू बीडीओ को 11 अप्रैल को चंडीगढ़ तलब करते हुए पेश होने से पहले आवेदक को सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
शेरू निवासी गांव सिलखो ने बताया कि तावडू खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय से उसने जन सूचना अधिकार कानून के तहत 9 अप्रैल 2015 को आरटीआई दाखिल कर ग्राम पंचायत द्वारा कराये गए विकास कार्यों सहित खर्च की गई राशि का विवरण मांगा था।
जब पंचायत विभाग से उसे पांच माह बाद भी जानकारी नहीं मिल पाई तो उसने जिला प्रशासन के पास आरटीआई भेज जानकारी मांगी। वहां से भी उसे जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
इसके बाद उसने राज्य सूचना आयोग को 3 अक्तूबर 2015 को जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। शेरू का कहना है कि इसके बाद सूचना आयोग द्वारा पंचायत विभाग को तीन बार पत्र भेज जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद भी जानकारी नहीं दी गई है। इसके बाद आयोग ने जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए 11 अप्रैल को बीडीपीओ को चंडीगढ़ तलब किया है। इस बारे में जब बीडीपीओ अमित कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सरपंच द्वारा रिकॉर्ड उपलब्ध ना कराने की वजह से आवेदक को जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
उन्होंने बताया कि सरपंच के खिलाफ सर्च वांरट जारी करने के लिए वह फरवरी माह में उपमंडलाधीश नूंह को एक पत्र भेज चुके हैं। उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को वह अपना पक्ष राज्य सूचना आयोग के सामने पेश होकर रखेगें।