बावरिया गिरोह के बदमाश टोटके को मानते थे। किसी घटना को अंजाम देने के बाद ये लोग गुलावठी जाते थे। वहां सपनावत बस स्टैंड से बकरा खरीदते थे और बलि देते थे। वहीं, धौलाना मजार पर ताबीज बनवाते थे। इसके बाद पास के नहर में शराब चढ़ाकर सिगरेट जलाकर राख छोड़ देते थे। इन बदमाशों का मानना था कि ये सब करने से न तो पुलिस पकड़ेगी और अगली घटना भी अच्छे तरीके से कर सकेंगे।
मोनू सर्राफ को बेचते थे लूट के आभूषण
बदमाश लूट के आभूषण खरखौंदा, मेरठ निवासी मोनू सर्राफ को बेचते थे। मोनू सप्ताह में केवल बृहस्पतिवार को ही लूट चोरी के आभूषण लेता था। नोएडा से महिला से जितनी ज्वेलरी लूटी गई थी। उसे भी इसे बेचा गया था। पुलिस की टीम मोनू की तलाश में जुटी हुई है।
दो किशोर हिरासत में
पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े दो किशोरों को भी हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। किशोर घरों व फैक्ट्रियों की रेकी करते हैं। पुलिस गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है।
घुमंतू गिरोह के बदमाशों पर नकेल कसने के लिए पुलिस टीम को अलर्ट कर दिया गया है। इसी अभियान के तहत कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने पहले बहेलिया गिरोह और अब बावरिया गिरोह के बदमाशों को गिरफ्तार किया है।- डॉ. अजयपाल शर्मा, एसएसपी