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हंगामे के बीच खाली कराई करोड़ों की जमीन, छह घंटे तक तोड़फोड़ की कार्रवाई चली

Fri, 28 Dec 2018 03:09 AM IST
vivek shukla ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
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Noida news - फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर-127 स्थित बख्तावरपुर माजरा गांव में बृहस्पतिवार को हंगामे के बीच नोएडा प्राधिकरण ने 5400 वर्ग मीटर जमीन से अतिक्रमण हटाया। तोड़फोड़ करने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने घेरने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रही। इस दौरान हंगामा करने वाले किसानों को हिरासत में लेकर थाना एक्सप्रेसवे ले जाया गया। करीब छह घंटे तक तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रही। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीन का बाजार मूल्य 20 से 25 करोड़ रुपये है। वहीं, किसानों ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण ने भेदभाव करके पुरानी आबादी को तोड़ दिया है। अब सोमवार को फिर से किसानों का प्रतिनिधिमंडल सीईओ से मिलेगा, हल नहीं निकला तो किसानों ने आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।

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अधिकारियों के मुताबिक, सदरपुर गांव के खसरा नंबर 606 के अंतर्गत आने वाला यह भूखंड प्राधिकरण द्वारा अर्जित एवं कब्जा प्राप्त है। इसका अधिग्रहण 2002 में किया गया था, लेकिन इस जमीन पर वर्ष 2009 में चाहत राम और ओमवीर ने कब्जा कर 15 दुकानों और पार्किंग का निर्माण करा दिया। प्राधिकरण की ओर से नोटिस भी जारी किए गए। 12 नवंबर और 20 नवंबर को अतिक्रमण कर्ताओं को नोटिस जारी कर 15 दिन में कब्जे हटाने का समय दिया गया, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इस बीच अतिक्रमण कर्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद प्राधिकरण ने नोटिस चस्पा करते हुए बृहस्पतिवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया।

सुबह करीब 8 बजे भारी पुलिस बल, पीएसी और प्राधिकरण के 100 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विशेष कार्य अधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में वर्क सर्कल-9 के वरिष्ठ प्रबंधक विजय रावल की मौजूदगी में तोड़फोड़ की गई। दोपहर करीब दो बजे तक कार्रवाई जारी रही। इस दौरान विरोध करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लेकर सेक्टर-135 थाना लाया गया। यहां भी काफी देर तक हंगामा हुआ। छह जेसीबी मशीनों की मदद से 15 दुकानें, कार पार्किंग सहित बड़े स्तर पर निर्माण ढहा दिए गए।

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कई घंटे किसानों को थाने में बैठाया, फिर हुई वार्ता

किसानों ने बताया कि प्राधिकरण ने उन्हें हिरासत में लेकर थाना सेक्टर-135 एक्सप्रेसवे में बैठाया। पूरी आबादी तोड़ने के बाद प्राधिकरण वार्ता के लिए सीईओ आलोक टंडन के पास ले गए। जब किसानों ने पूरी बात बताई तो ओएसडी को बुलाया गया। किसानों की बात समझने के बाद सीईओ ने कहा कि सोमवार को दोबारा किसानों के साथ बैठक होगी। किसान नेता मनवीर भाटी से साफ कहा कि वह अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। रविवार को बख्तावरपुर में ही किसानों की पंचायत होगी और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

बड़ी संख्या में पहुंचे किसान नेता
किसान संघर्ष समिति के नेता मनवीर भाटी, कांग्रेस नेता पुुरुषोत्तम नागर व गौतम अवाना आदि बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए। उन्होंने प्राधिकरण पर आरोप लगाया कि प्राधिकरण व डीएम ने कहा था कि किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद भी आबादी तोड़ डाली। जबकि किसान परिवार ने जमीन का मुआवजा भी नहीं उठाया है। उसी खसरा में तीन किसानों की प्राधिकरण आबादी शिफ्ट कर चुका है तो इन किसानों के साथ क्यों नहीं हुआ।

प्राधिकरण ने 2003 में जमीन अधिग्रहीत की थी, अभी तक जिसको आवंटित की गई है, वहां पर कुछ नहीं बनाया गया है। 2013 जमीन अधिग्रहण के नियमों को मुताबिक अगर पांच साल में कुछ निर्माण नहीं होता तो जमीन किसानों को वापस चली जाती है। जबकि किसान परिवार 1992 से घर बनाकर रह रहा है। प्राधिकरण को अब किसान के साथ न्याय करना होगा, अन्यथा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पडे़गा। उधर, किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक अजय चौधरी ने प्राधिकरण की कार्रवाई का विरोध किया है।
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