किसानों ने बताया कि प्राधिकरण ने उन्हें हिरासत में लेकर थाना सेक्टर-135 एक्सप्रेसवे में बैठाया। पूरी आबादी तोड़ने के बाद प्राधिकरण वार्ता के लिए सीईओ आलोक टंडन के पास ले गए। जब किसानों ने पूरी बात बताई तो ओएसडी को बुलाया गया। किसानों की बात समझने के बाद सीईओ ने कहा कि सोमवार को दोबारा किसानों के साथ बैठक होगी। किसान नेता मनवीर भाटी से साफ कहा कि वह अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। रविवार को बख्तावरपुर में ही किसानों की पंचायत होगी और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
बड़ी संख्या में पहुंचे किसान नेता
किसान संघर्ष समिति के नेता मनवीर भाटी, कांग्रेस नेता पुुरुषोत्तम नागर व गौतम अवाना आदि बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए। उन्होंने प्राधिकरण पर आरोप लगाया कि प्राधिकरण व डीएम ने कहा था कि किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद भी आबादी तोड़ डाली। जबकि किसान परिवार ने जमीन का मुआवजा भी नहीं उठाया है। उसी खसरा में तीन किसानों की प्राधिकरण आबादी शिफ्ट कर चुका है तो इन किसानों के साथ क्यों नहीं हुआ।
प्राधिकरण ने 2003 में जमीन अधिग्रहीत की थी, अभी तक जिसको आवंटित की गई है, वहां पर कुछ नहीं बनाया गया है। 2013 जमीन अधिग्रहण के नियमों को मुताबिक अगर पांच साल में कुछ निर्माण नहीं होता तो जमीन किसानों को वापस चली जाती है। जबकि किसान परिवार 1992 से घर बनाकर रह रहा है। प्राधिकरण को अब किसान के साथ न्याय करना होगा, अन्यथा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पडे़गा। उधर, किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक अजय चौधरी ने प्राधिकरण की कार्रवाई का विरोध किया है।