बाटा पुल की मरम्मत के चलते हुआ ट्रैफिक डायवर्जन सोमवार को लोगों के लिए सिरदर्द बन गया। बाटा फ्लाइओवर से ओल्ड फरीदाबाद तक भारी जाम लगा रहा। लोगों को 10 मिनट का सफर तय करने में एक से सवा घंटा लगा।
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सुबह से ही मैग्पाई चौक से लेकर सेक्टर 12 कट और बाटा फ्लाईओवर के नीचे भीषण जाम लगा रहा। पीक टाइम में वाहन जाम में फंस गए। कोई ऑफिस देर से पहुंचा तो कोई लंबा जाम देखकर चार से पांच किलोमीटर लंबा चक्कर काटने को मजबूर हुआ।
जाम में फंसे लोगों का कहना था कि जब पुल का निर्माण हो रहा है तो प्रशासन को इस बात का इंतजाम करना चाहिए था जिससे कि जाम नहीं लगे। बड़ी संख्या में लोग जाम में फंसने के कारण समय से ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके।
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एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही
बाटा पुल पर जाम
- फोटो : अमर उजाला
आलम यह था कि एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। हालांकि बाटा पुल को एक तरह से खोल कर रखा गया है जिस पर वाहनों को आने और जाने की व्यवस्था है। इस कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही।
दरअसल, बाटा पुल की एक-एक लेन को बंद कर दिया गया। एक ही लेन पर वाहनों की आवाजाही हो रही थी। बाटा पुल पर भारी वाहनों का दबाव अधिक रहता है लेकिन सुबह 7 से रात 11 बजे तक इस पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
पुल के रास्ते एनआईटी में प्रवेश करने वाले वाहन हाईवे स्थित बाटा चौक फ्लाईओवर आसपास खड़े रहे जिससे जाम की समस्या और ज्यादा गहरा गई। बाटा पुल पर यातायात प्रभावित होने की वजह से नीलम फ्लाईओवर पर भी वाहनों के पहिए थम गए। दोपहर 12 बजे के बाद हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम हुआ लेकिन समस्या बरकरार रही।
हाईवे पर पहले सिक्सलेन प्रोजेक्ट जाम का सबब बना हुआ था अब नई मुसीबत पैदा हो गई है। न जाने हालात कब सुधरेंगे।-कुंदन सिंह
हालात देखकर लगता है बिना प्लानिंग के ही बाटा पुल पर डायवर्जन कर दिया गया है। इसके लिए पहले से तैयारी की जानी चाहिए थी।-मोहित कुमार
मुझे एनआईटी की ओर जाना है लेकिन आधे घंटे से जाम में फंसा हुआ हूं। न जाने इस समस्या का कब तक सामना करना पड़ेगा।-दीपक
अब तो जाम रोज काम काम होगा। बाटा पुल से गुजरने वालों को ही नहीं बल्कि हाईवे से सफर करने वाले भी बेवजह परेशान हो रहे हैं।-इरशाद अहमद
हाईवे पर लगा जाम तब जागा नगर निगम
बाटा पुल पर जाम
- फोटो : अमर उजाला
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की लाइफलाइन कहे जाने वाले बाटा पुल की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। इस कारण सोमवार को हाईवे पर लंबा जाम लग गया। आम जनता को अधूरी प्लानिंग का खामियाजा भुगतना पड़ा।
काम शुरू होने के बाद गहराई जाम की समस्या ने नगर निगम की लापरवाही की पोल खोल दी है। निगम के चीफ इंजीनियर ने मानसून का हवाला देते हुए काम बंद कराने के लिए जिला उपायुक्त को पत्र तक लिखा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि काम शुरू होने से पहले नगर निगम के अधिकारी जैसे सो रहे थे। जब जाम लगने लगा तो उन्हें इस बात का ख्याल आया कि पुल के मरम्मत का काम बंद कर दिया जाए। इससे जाहिर होता है कि नगर निगम के पास कोई ठोस प्लानिंग नहीं है।
शहरवासियों की कई सालों से मांग थी कि जर्जर हो चुके बाटा पुल का मरम्मत कराया जाए। जिससे लोगों का सफर सुरक्षित हो सके। जिला प्रशासन के दखल के बाद अब काम शुरू हो गया है तो नगर निगम को मानसून में अपनी लापरवाही की पोल खुलने का डर सताने लगा है।
बता दें कि पिछले दिनों थोड़ी सी बारिश ने हाईवे पर वाहनों की रफ्तार को रोक दिया था। जलभराव के कारण यह समस्या पैदा हुई थी जिसके बाद चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर की जमकर खिंचाई हुई थी।
पिछले दिनों बारिश से हाईवे पर लगे जाम के बाद चीफ इंजीनियर की हुई थी खिंचाई
बाटा पुल पर जाम
- फोटो : अमर उजाला
प्री मानसून की बारिश शुरू हो गई है। ऐसे में बाटा पुल पर शुरू हुआ मरम्मत का काम जाम का सबब बन गया है। काम शुरू होने से पहले तो निगम अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। अब जाम की समस्या गहराने पर मरम्मत कार्य बंद करने का दबाव बनाया जा रहा है।
चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर ने बताया कि उन्होंने जिला उपायुक्त को काम बंद कराने के लिए पत्र लिखा है। उनका कहना है कि पुल को यातायात के लिए नहीं खोला गया तो यहां भी गुरुग्राम जैसे महाजाम के हालात बन जाएंगे। भास्कर ने कहा कि बारिश का मौसम शुरू होने वाला है, ऐसे में पुल बंद होने से लोगों को भारी जाम की स्थिति से गुजरना पड़ सकता है।
निगम पर उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पुल मरम्मत का काम शुरू हो गया है तो इसे बीच में रुकवाना ठीक नहीं है। अगर इससे जाम लगने और जलभराव का अंदेशा है तो नगर निगम का दायित्व बनता है कि वह धरातल पर ऐसा काम करे कि जाम नहीं लगे व जलभराव भी नहीं हो। ठोस काम करने की बजाय काम बंद कराना ठीक नहीं है। नगर निगम के वार्ड नंबर-22 के पार्षद जितेन्द्र यादव का कहना है कि बाटा पुल काफी जर्जर हो चुका है।
इसका मरम्मत होना ही चाहिए। नगर निगम अधिकारियों को विकास कार्यों में बांधा पहुंचाने की बजाय लोगों को परेशानी नहीं हो इसका ठोस इंतजाम करना चाहिए। स्थानीय निवासी राजबीर का कहना है कि बाटा पुल पर काम शुरू होने से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। अगर पुल को बंद नहीं किया जाएगा तो इसकी मरम्मत कैसे होगी। बेहतरी के लिए थोड़ी परेशानी सहना जरूरी है।