अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता खुद-ब-खुद कदम चूमती है। महज 35 साल की उम्र में नोएडा की किरणप्रीत कौर ने यह साबित कर दिखाया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कसक ने पांच साल पहले एचआर प्रबंधक की जॉब छोड़ने को मजबूर कर दिया। खुद का कारोबार शुरू किया और आज देश में उनके ब्रांड ‘सोइल’ ने पहचान बना ली है। चार महिलाओं से शुरू हुई इस मुहिम में आज 150 महिलाएं जुड़ चुकी हैं।
‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान’ के तहत अमर उजाला से बातचीत में किरणप्रीत ने बताया कि एमबीए करने के बाद एचआर प्रबंधक के तौर पर जॉब की लेकिन संतुष्टि नहीं मिली। वर्ष 2014 में प्राकृतिक उत्पादों से केमिकल रहित साबुन बनाने का एक छोटा सा स्टार्टअप शुरू किया। आज औद्योगिक क्षेत्र फेज-दो के सेक्टर-88 में उनके स्वदेशी ब्रांड की यूनिट स्थापित हो चुकी है, जिसमें पुरुष कर्मचारी सिर्फ मशीनों को चलाते हैं बाकी सभी काम महिलाएं करती हैं।
किरणप्रीत ने बताया कि फैक्ट्री में महिलाओं को पहले प्रशिक्षण दिया जाता है। कई परिवारों में महिलाओं को घर से बाहर काम करने की छूट नहीं मिलती तो ऐसी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर घर पर ही जॉब वर्क कराया जा रहा है। सोच में बदलाव लाने पर जोर देते हुए किरणप्रीत कहती हैं कि नारी आज किसी मामले में कम नहीं है। हर क्षेत्र में अग्रसर है।
सारी शक्तियां महिलाओं के पास हैं, बस जरूरत है तो उन्हें अपने आप को पहचानने की। कामकाजी महिलाओं की जिम्मेदारी अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि उन्हें अपने काम के साथ घर का भी ध्यान रखना होता है। ऐसे में परिवार को समय देने और साफ-सफाई व खानपान का विशेष ध्यान रखने की जानकारी देने के लिए कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्र में महिलाओं को जागरूक भी किया जा रहा है।
किरणप्रीत सफल उद्यमी ही नहीं बल्कि सफल संगठनकर्ता की मिसाल भी पेश कर रही हैं। नोएडा इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन (नीवा) में वे सचिव की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब के बंगा गांव की महिलाएं भी अब घर के चूल्हे के साथ परिवार के बजट को संतुलित कर रही हैं। हैंडमेड साबुन बनाने का सेटअप गांव में लगाया गया है। जिसमें करीब 40 महिलाएं अब तक जुड़ चुकी हैं।
किरणप्रीत कौर कहती हैं कि बेटियों को समाज में बेहतर स्थान दिलाने के लिए महिलाओं को जागरूक होकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए। पुरानी सोच बदलकर नई सोच अपनानी होगी। कार्यस्थल के साथ घर पर भी उतना ही ध्यान देने की जरूरत है।