जेवर के खाजपुर निवासी एक किसान के बेटे ने हवा से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया है। छात्र का दावा है कि सरकार इस पर काम करे तो रेलवे के अलावा बसों व निजी वाहनों पर भी बिना खर्च के बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने प्रोजेक्ट की तारीफ कर इसकी बारीकियों पर विचार कर अमल करने के लिए रेल मंत्रालय को भेजा है। जिसके बाद रेल मंत्रालय ने छात्र को पत्र भेजकर प्रोजेक्ट को पूरी जानकारी के साथ प्रयोग कर दिखाने को कहा है।
जेवर के खाजपुर निवासी किसान धर्मेंद्र सिंह के पुत्र आकाश (17) जेवर के प्रज्ञान पब्लिक स्कूल में दसवीं का छात्र है। उसने हवा से बिजली बनाने के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार कर दिसंबर में प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा था।
पीएमओ ने भी इस छात्र के प्रोजेक्ट को रेल मंत्रालय और रिन्यूएवल एनर्जी मंत्रालय को भेजा है। रेल मंत्रालय व रिन्यूएवल एनर्जी मंत्रालय ने छात्र से प्रोजेक्ट के बार में विस्तृत जानकारी के साथ ही छात्र से प्रेजेंटेशन देने को कहा है।
किसान के बेटे की इस सोच को अगर कामयाबी मिलती है तो रेलवे और परिवहन विभाग को करोड़ों रुपये की बिजली बचाने के साथ ही प्रदूषण और बिजली की बचत होगी।
क्या है प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट में हवा के वेग से घूमने के लिए एक स्वास्तिक आकृति का फ्रेम बनाकर उसके चारों किनारों पर हवा को रोकने के लिए कटोरे के आकार के प्लास्टिक सेट लगाए गए हैं।
बीच में इसमें रौबौटिक डायनोमो लगाकर डीसी करंट तैयार किया है। छात्र का दावा है कि इस करंट को स्टोरेज कर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों को भी बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है।
नौवीं क्लास में आया था आइडिया
जब आकाश नौवीं कक्षा में पढ़ता था। तब एक दिन स्कूल में जाते हुए छात्र की साइकिल में लगी पंखड़ियों को हवा से घूमते देख आइडिया आया था। उसने तभी से हवा के उपयोग से बिजली बनाने का काम शुरू कर दिया। हालांकि उसे प्रोजेक्ट को पूरी तरह बनाने में एक साल का वक्त लग गया।