सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के अटके प्रोजेक्ट को बनाने की जिम्मेदारी एनबीसीसी को दे रखी है। साथ ही खरीदारों से पैसे जमा कराने को कहा है, जिससे कि एनबीसीसी प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सके, लेकिन खरीदारों के सामने बकाया रकम जमा करने को लेकर परेशानी आ रही है।
बैंकों ने डिफॉल्ट बिल्डर के प्रोजेक्ट के नाम पर कर्ज देने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में फ्लैट खरीदारों के पक्षकार नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार का खुद का फ्लैट आम्रपाली लेजर पार्क में है। 2012 में उन्होंने 32 लाख रुपये में इसे बुक कराया था। 95 फीसदी पैसा जमा है। बाकी के पांच फीसदी रकम के लिए बैंक के पास कर्ज के लिए गए थे तो बैंक ने कह दिया पजेशन लेटर दिखाओ, तब लोन जारी होगा, जबकि आम्रपाली पजेशन लेटर जारी नहीं कर सका है।
वहीं, आम्रपाली के वेरोना हाइट्स में दीपांकर कुमार ने 2014 में फ्लैट बुक कराया था। 40 प्रतिशत भुगतान कर चुके हैं। बाकी का भुगतान करने के लिए बैंक के पास गए तो बैंक ने कह दिया कि डिफॉल्टर बिल्डर प्रोजेक्ट को लोन जारी नहीं किया जा सकता। अभिषेक कुमार का कहना है कि आज (मंगलवार) सुप्रीम कोर्ट के समक्ष खरीदारों की इस परेशानी को भी रखा जाएगा।