देश्ा भ्ार में सरकारी बैंकों के कर्मचारी दो दिनों की हड़ताल पर हैं। इसके चलते गुड़गांव के लगभग साढ़े चार सौ बैंक बंद रहे। इससे 8000 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
हड़ताल का आह्वान ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन ने किया है। उधर, हरियाणा इंप्लाइज बैंक फेडरेशन के बैनर तले जिले के बैंककर्मी सड़क पर उतर चुके हैं। अपनी मांगों को लेकर सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
यूनियन के लोगों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह बेमियादी हड़ताल पर भी उतर सकते हैं।
हरियाणा इंप्लाइज बैंक फेडरेशन के हरियाणा प्रवक्ता धर्मवीर गोदारा ने बताया कि गुड़गांव में आठ हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार पर सैलरी रिवाइज नहीं करने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार ने वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव नवंबर, 2012 से रोक रखा है।
आउटसोर्सिंग का विरोध
बैंक कर्मियों ने आउटसोर्सिंग के खिलाफ भी आवाज उठाई। उनका कहना है कि आउटसोर्सिंग बंद होनी चाहिए। वहीं, बैंकों के निजीकरण के खिलाफ भी कर्मियों में गुस्सा है। उनका कहना है कि औद्योगिक घरानों को केंद्र सरकार लाइसेंस दे रही है। साहूकारी पद्धति होने से गांव के गरीब, किसान और आम लोगों को इससे काफी परेशानी होगी।
एटीएम में पैसे खत्म
हड़ताल के कारण शहर के तकरीबन ढाई हजार एटीएम भी बैठने के कगार पर हैं। सोमवार की शाम तक ही कई एटीएम से पैसे खत्म हो गए थे। राजीव नगर के मोहन कुमार, पटेल नगर के कृष्ण और सेक्टर-15 के विकास धनखड़ ने कहा कि बैंक बंद होने से दिक्कत हो रही है।