मोहम्मद खलील उर्फ गुड्डू और खालिद शेख रेलवे लाइन के साथ बसीं पॉश काॅलोनियों को निशाना बनाते थे। दिन में कबाड़ी बनकर यह लोग रेकी करते थे। टारगेट तय करने के बाद आधी रात को दोनों हथियारबंद बदमाश रेलवे लाइन की ओर से आकर घरों पर धावा बोल देते थे। पहले किसी भी तरह दरवाजा खोलकर घर में दाखिल होते थे।
इसके बाद परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट या डकैती डालते थे। पूरी रात लूटपाट करने के बाद आरोपी तड़के रेलवे लन की ओर से भाग जाते थे। विवेक विहार इलाके में 2003 में हुई डकैती को भी इन लोगों ने इसी तरह अंजाम दिया था। पूर्वी दिल्ली में आनंद विहार, विवेक विहार, प्रीत विहार इनके निशाने पर रहते थे।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि इन लोगों ने एक बड़ा हाथ मारने के लिए रेकी की हुई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमेशा के लिए बांग्लादेश भागने की फिराक में थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लोगों को कहां वारदात को अंजाम देना था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दो दशक पहले खलील ने बांग्लादेशी बदमाशों का बड़ा गैंग बनाया हुआ था। यह लोग लगातार वारदात को अंजाम दे रहे थे। एक राज्य में वारदात को अंजाम देने के बाद यह यूपी, मध्य प्रदेश या आंध्र प्रदेश के तेलंगाना भाग जाते थे। वहां भी वारदातों को अंजाम दिया जाता था।
गिरोह रेलवे लाइन के किनारे हथियार व बाकी औजारों को छिपा देता था। आधी रात को यह लोग रेलवे लाइन के साथ कई-कई किलोमीटर की दूरी तय कर टारगेट तक पहुंचते थे। वर्ष 2025 में तेलंगाना के एक मामले में खलील को वहां गिरफ्तार कर लिया गया था। 15 दिन पहले ही वह जेल से रिहा होकर दिल्ली आया था।
गिरोह के लिए हथियारों का इंतजाम करने के बाद वह अपने लड़कों से संपर्क कर रहा था। इसके बाद बड़ी वारदात को अंजाम देकर भारत को छोड़ना था। पुलिस खलील और खालिद से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
अवैध रूप से रह रहीं तीन बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार
उत्तर-पश्चिम जिले की विदेशी प्रकोष्ठ की टीम ने अवैध रूप से रह रहीं तीन बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से आईएमओ एप्लीकेशन वाले दो स्मार्टफोन और एक की-पैड मोबाइल फोन बरामद किया है। महिलाओं की पहचान बांग्लादेश के चटगांव निवासी अलीना, मैमन सिंह निवासी तंगिना रहमान और सिलहट निवासी सुहान खान के रूप में हुई है। बांग्लादेशी महिला ट्रांसजेंडर बनकर महेंद्र पार्क के पास रह रही है व पहचान छिपाने के लिए वह मोमोज बेचती थीं।