जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि जिले की विदेशी सेल अवैध रूप से जिले में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों पर निगरानी रख रही है। 15 अक्तूबर को पुलिस टीम ने महेंद्र पार्क इलाके में एक ट्रांसजेंडर को रोका और उसके दस्तावेजों की जांच की। पूछताछ में उसने अपनी पहचान भारतीय मतदाता पहचान पत्र के माध्यम से की, लेकिन उसके व्यवहार एवं मानसिक प्रतिक्रिया से उसकी पहचान पर पुलिस को संदेह हुआ।
सेल के निरीक्षक विपिन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने संदिग्ध की तकनीकी निगरानी शुरू की। पुलिस ने उसके इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की जांच की। डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण एवं उपलब्ध फोटोग्राफिक प्रमाणों की जांच में संदिग्ध के बांग्लादेश से गहरे संबंध सामने आए।
पुलिस ने 24 अक्तूबर को उसके मतदाता पहचान पत्र निरस्त करने के लिए उसकी पहचान को चुनाव कार्यालय भेज दिया। पुलिस उसकी गतिविधियों पर गोपनीय निगरानी रखी। मतदाता पहचान पत्र निरस्त होने के बाद 19 नवंबर को पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।