नोएडा में लोहे के साइन बोर्ड के बजाय फिर से पत्थरों वाले साइन बोर्ड ही लगेंगे। साइन बोर्ड चोरी होने से परेशान होकर प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया है।
सेक्टरों के ब्लॉक व नंबरों को बताने के लिए प्राधिकरण ने पिछले कुछ समय से लोहे के बोर्ड लगवाना शुरू किया है। लोहे के इन बोर्ड पर लिखे नंबर आसानी से दिख जाते हैं, मगर दिक्कत यह हो रही है कि कबाड़ी वाले इन बोर्ड को चुरा ले जाते हैं।
किलो के भाव में बेच देते हैं। इसके अलावा इंजीनियर पुराने साइन बोर्ड का दोबारा से उपयोग भी नहीं कर रहे बल्कि नए बोर्ड लगाने की कोशिश करते हैं। इस कारण प्राधिकरण को एक ही जगह पर कई बार बोर्ड लगाने पड़ रहे हैं।
हाल ही में प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमण ने ऐसे ही एक मामले पर संज्ञान लेते हुए लोहे के साइन बोर्ड न लगाने के निर्देश दिए। इससे तीन फायदे होंगे। एक तो पत्थर के साइन बोर्ड चोरी नहीं होंगे।
दूसरे, इन पर रंगाई-पुताई कर दोबारा से उपयोग में लाया जा सकता है। इन पर खर्च भी लोहे के साइन बोर्ड की तुलना में कम ही आता है। तीसरा, ऊंचाई कम होने के कारण लोग इन पर विज्ञापन वाले पोस्टर भी कम चिपकाएंगे।