दिल्ली-मथुरा ईएमयू में बृहस्पतिवार को सीट के लिए पहले झगड़ा होता है फिर मामला 15 वर्षीय मासूम जुनैद की हत्या तक पहुंच जाता है। देखा जाए तो यह एक सामान्य हादसे जैसा ही नजर आता है। मगर अब ऐसा नहीं रहा। इसे हिंदू-मुस्लिम रंग दे दिया गया है। यही कारण है अब यह मुद्दा वैश्विक बन गया है। विदेशी मीडिया में यह सुर्खियां बनने लगा है।
'वाशिंगटन पोस्ट’ से लेकर 'बीबीसी’ व पाकिस्तानी अंग्रेजी अखबार 'डॉन’ इसे प्रमुखता से उठा रहे हैं। विदेशी मीडिया भी इस मामले को हिंदू-मुस्लिम चश्में से देख रहा है। वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि जुनैद ने कुछ समय पहले ही हाजिफ का टाइटल हासिल किया था।
उसने न कभी भी सूट पहना था और न ही मस्जिद में कुरान का पाठ किया था। इस अखबार के मुताबिक यह पहला मौका होता जब वह ऐसा करता। इसके लिए वह खरीददारी करने दिल्ली जाता है जिसके लिए उसने माता-पिता ने उसे 1500 रुपये दिए थे। खरीददारी के बाद जब वह ट्रेन से लौट रहा था तभी मॉब (भीड़) ने उसकी हत्या कर दी।