जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए जमा हुए नमाजी
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आज इस्लाम धर्म का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार ईद उल अजहा यानी बकरीद है। इस मौके पर दिल्ली की जामा मस्जिद में बकरीद की नमाज अदा की गई। इस दौरान काफी संख्या में नमाजी जुटे।
जामा मस्जिद बाजार हुआ गुलजार
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, ईल-उल-अजहा का पर्व 12वें महीने की 10 तारीख को मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान बकरीद को मनाने के लिए बकरे की कुर्बानी देतें हैं और वह इसके लिए बकरे को इस दिन नहीं लाते वह कुछ दिन पहले बकरे को अपने घर पर लाते हैं. इसके बाद वह कुर्बानी देते हैं, कहा जाता है कि कुर्बानी के मीट को तीन हिस्सों में बांट दिया जाता है. जिसमें से पहले हिस्से को फकीरों में और दूसरे हिस्से को रिश्तेदारों में और तीसरे हिस्से को घर में पकाकर खाया जाता है। कल दिल्ली के जामा मस्जिद का बाजार बकरों से गुलजार दिखा, बाजारों में दुकानों पर भी रौनक रही। इसके साथ ही बाजार में बकरों की भी खरीददारी काफी हुई।
रौनक तो है लेकिन महंगाई की मार भी
कोविड के दौरान दो साल तक दिल्ली में बकरों की मंडी नहीं सजी। इस साल कोरोना के कम मामले सामने आए तो एक बार फिर से जामा मस्जिद स्थित मीना बाजार में बकरों का सबसे बड़ा बाजार लग गया है। इसमें हजारों की तादाद में बकरे आ चुके हैं। यहां दिल्ली समेत आस-पास के शहरों से व्यापारी और खरीदार पहुंच रहे हैं। लेकिन इस बार महंगाई की मार बकरा कारोबारियों पर भी पड़ा है।