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Delhi: कोर्ट ने टाइटलर के खिलाफ दर्ज FIR की मांगी सूची, दिल्ली दंगों के मामले में दो को जमानत

Tue, 19 Dec 2023 07:06 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

उच्च न्यायालय ने दिल्ली दंगों के मामले में दो आरोपियों को जमानत दे दी, जबकि एक को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अमित बंसल ने आरिफ और अनीश कुरेशी को जमानत दे दी जो 9 मार्च 2020 से हिरासत में हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अदालत ने कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के वकील को 1984 के पुल बंगश सिख नरसंहार से संबंधित दिल्ली पुलिस और सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर की एक विस्तृत सूची पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने जांच की प्रगति और निष्कर्षों पर विस्तृत जानकारी मांगी है। मामले की सुनवाई 9 जनवरी, 2024 तक के लिए टाल दी गई है.

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अदालत ने यह कदम 21 नवंबर, 2023 को पहले के स्थगन के बाद आया है जहां 1984 के सिख नरसंहार में कथित संलिप्तता के लिए जगदीश टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने में देरी हुई थी। टाइटलर के वकील मनु शर्मा ने जांच एजेंसी द्वारा प्रदान किए गए प्रमाणित दस्तावेज की प्रतियों की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए स्थगन का अनुरोध किया। नतीजतन अदालत ने सुनवाई 18 दिसंबर के लिए पुनर्निर्धारित की थी।

सत्र अदालत ने 5 अगस्त को जगदीश टाइटलर को अग्रिम जमानत दे दी थी, इस फैसले को पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाली दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) ने चुनौती दी थी। टाइटलर को दोषी ठहराए जाने के दौरान राउज़ एवेन्यू अदालत के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ। पीड़ित परिवारों ने असंतोष व्यक्त किया और जमानत के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने का तर्क रखा।

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दिल्ली दंगा : हाईकोर्ट ने राहुल सोलंकी हत्याकांड में दो आरोपियों को जमानत दी
उच्च न्यायालय ने दिल्ली दंगों के मामले में दो आरोपियों को जमानत दे दी, जबकि एक को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अमित बंसल ने आरिफ और अनीश कुरेशी को जमानत दे दी जो 9 मार्च 2020 से हिरासत में हैं। अदालत ने कहा, मुकदमे में लंबा समय लगने की संभावना है और उन्हें अनिश्चितकाल तक कैद में नहीं रखा जा सकता।

अदालत ने मोहम्मद को जमानत देने से इन्कार कर दिया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने उसकी पहचान उस व्यक्ति के रूप में की थी जिसने गोली चलाई थी। जिससे सोलंकी की मौत हो गई थी। यह मामला पुलिस स्टेशन दयालपुर में दर्ज की गई थी।

24 फरवरी, 2020 को राहुल सोलंकी को दंगों के दौरान गोली लग गई और संबंधित डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अगले दिन उनका पोस्टमार्टम किया गया। शुरुआत में जांच पुलिस स्टेशन दयालपुर के पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई थी। बाद में 7 मार्च 2020 को आगे की जांच के लिए जांच एसआईटी, अपराध शाखा को सौंप दी गई।
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महिला आरक्षण लागू करने की मांग संबंधी याचिका पर विचार से इनकार
उच्च न्यायालय ने सोमवार को आगामी लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए महिला आरक्षण विधेयक- 2023 को तत्काल लागू करने की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता वकील योगमाया एमजी को सुप्रीम कोर्ट जाने की छूट दे दी। एएसजी चेतन शर्मा ने बताया कि विधेयक पहले ही एक अधिनियम बन चुका है।
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