-विश्व हृदय दिवस पर विशेषज्ञों ने दी सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं में भी बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का स्तर बढ़ रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञों ने विश्व हृदय दिवस से पहले नियमित कोलेस्ट्रॉल जांच कराने की सलाह दी है। उनका कहना है कि शुरुआती दौर में इसके कोई लक्षण नहीं दिखते, जिससे खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 18 वर्ष की उम्र से लिपिड प्रोफाइल की जांच शुरू करना उपयोगी है। समय पर जांच से एलडीएल के बढ़े स्तर का पता चलता है। कार्डियोलॉजिस्ट विवेक कुमार के अनुसार, कम उम्र, नियमित व्यायाम या अच्छा खान-पान भी एलडीएल सामान्य रहने की गारंटी नहीं है। परिवार में हृदय रोग का इतिहास और आनुवंशिक कारण युवाओं में भी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि रिपोर्ट देखकर खुद से एलडीएल सामान्य तय न करें। मरीज को डॉक्टर से अपने लिए सही एलडीएल लक्ष्य पूछना चाहिए। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट अटैक जैसी स्थिति वाले लोगों के लिए यह लक्ष्य अलग हो सकता है।
एलडीएल लक्ष्य न मिलने पर क्या करें
डॉक्टर के अनुसार, यदि एलडीएल तय लक्ष्य तक नहीं पहुंचा है तो आगे के उपचार पर चर्चा करें। कुछ मरीजों को खान-पान और जीवनशैली में बदलाव से लाभ हो सकता है। वहीं, कुछ को दवाओं की आवश्यकता पड़ सकती है। विशेषज्ञों ने कहा कि एलडीएल नियंत्रण एक बार की कोशिश नहीं है। इसके लिए नियमित जांच, स्वस्थ जीवनशैली और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार जारी रखना जरूरी है।