जिले के विकास पर शहरी विकास मंत्री आजम खां की व्यस्तता भारी पड़ रही है। जिला योजना की बैठक न हो पाने के कारण बजट जारी नहीं हो रहा है।
इससे गाजियाबाद सहित कई जिलों की विकास योजनाएं अटकी पड़ी हैं। कई बार जिला योजना की मीटिंग तय होने के बावजूद वह जिले में नहीं आए हैं।
जिले के प्रभारी मंत्री शहरी विकास मंत्री आजम खां हैं। गाजियाबाद के अतिरिक्त उन पर मेरठ, मुजफ्फरनगर और हापुड़ आदि जिलों का भी प्रभार है।
जिला योजना की बैठक के लिए शहरी विकास मंत्री आजम खां का कार्यक्रम कई बार निर्धारित हुआ, मगर हर बार किसी न किसी वजह से टल गया। इससे विकास योजनाओं को बजट जारी नहीं हो पा रहा है।
जिला योजना के बजट का कार्य सामान्यतया फरवरी-मार्च तक पूरा करना होता है। मार्च से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो जाता है। ऐसे में जिला योजना के काम के लिए मात्र चार माह का समय बचा है।