दिल्ली में ऑटो परमिट जारी करने के मामले में घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में दिल्ली सरकार ने परिवहन विभाग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
रविवार को सुबह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उच्च स्तरीय मीटिंग की गई जिसमें परिवहन विभाग के उपायुक्त एस राय विश्वास, इंस्पेक्टर मनीष पुरी और अपर डिविजनल क्लर्क अनिल यादव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
मीटिंग के बाद उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि यह सरकार भ्रष्टाचार को बिल्कुल बरदास्त नहीं करेगी।
इस मामले में गोपाल राय ने बताया कि 23 अक्टूबर को उन्हें एक शिकायत दी गई जिसमें बताया गया कि बुराड़ी स्थित परिवहन विभाग द्वारा अनियमित तौर पर ऑटो परमिट जारी किए गए हैं। शिकायत के बाद परिवहन मंत्री गोपाल राय ने संयुक्त आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग कर मामले की जांच के आदेश दे दिए।
बिना किसी नियम के जारी किए गए परमिट
इस बीच शनिवार शाम को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कुछ ऑटो चालकों के एसएमएस मिले जिसमें ऑटो परमिट को मनमाने ढंग से दिए जाने की शिकायत की गई थी।
हालांकि परिवहन मंत्री ने पहले ही इस मामले में जांच के आदेश दे रखे थे। मंत्री ने बताया कि इस मामले में दो तरह की अनयिमितताएं सामने आईं हैं।
जांच में पता चला कि परमिट (लेटर ऑफ इंटेंट) तिथिवार या नाम के क्रम से जारी करने के बजाय बिना किसी क्रम के ही जारी कर दिया गया।
जांच में पता चला कि हाल ही में 932 ऑटो परमिट जारी किए गए जो ऑटो चालकों की जगह सीधे डीलर को दे दिए गए। मंत्री ने बताया कि आवेदन करने वाले की जगह परिवहन विभाग द्वारा परमिट बिचौलियों को जारी कर दिए गए।
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गोपाल राय के इस्तीफे की मांग
अनियमितता की शिकायत के बाद रविवार को सुबह ही केजरीवाल ने उच्च स्तरीय मीटिंग बुलाई जिसमें परिवहन विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए जारी किए सभी 932 परमिट कैंसिल कर दिए गए। साथ ही परमिट जारी करने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश दे दिए गए।
परिवहन मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि मामले की जांच विजिलेंस विभाग को सौंप दी गई है और अगर जरूरी हुआ तो इसे सीबीआई को भी सौंपा जा सकता है।
इस बीच भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने परिवहन मंत्री गोपाल राय के इस्तीफे की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि आप सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है और अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचारियों के सरगना है।