गाजियाबाद जिला प्रशासन द्वारा सोमवार को मीट फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान पकड़े गए ‘बाल श्रमिकों’ बालिग निकले। मंगलवार कोे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के दौरान इन युवकों के परिजनों ने विरोध जताया।
अभिभावकों का कहना था कि उनके बच्चे बालिग हैं। बाद में समिति के पदाधिकारियों ने लोगों को शांत कराया।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि सोमवार रात छापेमारी के दौरान प्रशासन ने कुल 15 बच्चों को बाल श्रमिक बताकर उनके सुपुर्द किया था। इन बच्चों को मंगलवार राजनगर स्थित बाल कल्याण समिति के बच्चा कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
इस दौरान बच्चों के अभिभावक उनके पहचान पत्र लेकर वहां पहुंच गए। अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चे बालिग हैं और परिवार को चलाने के लिए नौकरी कर रहे हैं।
दिनेश शर्मा ने बताया कि बाद में 6 युवकों और 2 युवतियों पहचान पत्र देखकर उन्हें उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। 7 अभी भी बाल कल्याण समिति की सुपुर्दगी में हैं।