फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गजब! चोर पकड़ने के लिए 'बर्ड' तैनात की गईं

Wed, 22 Jan 2014 12:33 PM IST
अंकुश बिश्नोई/अमर उजाला, वसुंधरा
विज्ञापन
विज्ञापन
सेक्टर-16 ए में एंट्री करते ही अगर आस्ट्रेलियन पक्षी ईमू उड़कर आपकी गाड़ी पर बैठ जाए तो घबड़ाने की जरूरत नहीं है। परिचय होने के बाद ‘मार्क और स्टीव’ नाम के ईमू खुदबखुद गाड़ी से हट जाएंगे। सोसायटी में चोरों की निगरानी के लिए ‘मार्क और स्टीव’ को खासतौर से आस्ट्रेलिया से मंगाया गया है।
विज्ञापन


कौन हैं ये ‘मार्क-स्टीव’?
कॉलोनी में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए अब विदेशी पक्षियों का सहारा लिया जा रहा है। सेक्टर 16ए/1003 निवासी नायब अहमद साहिबाबाद मंडी में आढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि जानवरों और पक्षियों के प्रति उनका ज्यादा लगाव है। पिछले दिनों इंटरनेट के माध्यम से जानकारी मिली कि आस्ट्रेलियन पक्षी ईमू कई जगहों पर सिक्योरिटी के रूप में तैनात हैं।

इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त से आस्ट्रेलिया से मार्क और स्टीव नाम के दो पक्षी मंगवाए। दोनों को ट्रेनिंग के लिए पंजाब भेजा गया जहां देखरेख के अभाव में इनकी तबियत बिगड़ गई। वहां से डेढ़ माह पहले इन्हें वसुंधरा लाया गया। यहां दोनों ठीक हैं और बच्चों के साथ खूब मस्ती करते हैं।
विज्ञापन


मार्क और स्टीव घर के साथ-साथ पूरी सोसायटी की सुरक्षा करते हैं। मार्क सोसायटी के मुख्य द्वार पर तो स्टीव सेंट्रल पार्क में सोसायटी के आने-जाने वालों पर नजर रखता है।

क्या इन्हें दी गई है विशेष ट्रेनिंग?
नायब ने बताया कि दोनों को पंजाब में ट्रेनिंग दी गई है। डेढ़ महीने के दौरान दोनों ने सोसायटी के लोगों को पहचान लिया है। ऐसे में जब भी कोई बाहरी व्यक्ति या गाड़ी सोसायटी में घुसती है। दोनों गाड़ी के ऊपर बैठकर शोर मचाने लगाते है। गार्ड के आने के बाद वे शांत हो जाते हैं।

इस समय ठंड का मौसम दोनों के लिए काफी अनुकूल है। इनके रहने के लिए सोसायटी में टीनशेड डाला गया है। ये हरे पत्ते और सब्जियां खाते हैं। 50 किलोमीटर की रफ्तार से भागने वाले दोनों पक्षियों की भारत में कीमत करीब 20 हजार रुपये बतायी जा रही है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें