फर्रूखनगर की मस्जिद वाली गली में शनिवार की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे नासिर के अवैध पटाखा गोदाम पर छापा मारने गई पुलिस टीम को लोगों ने घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला करने के साथ पथराव कर दिया। पत्थर लगने से हेड कांस्टेबल राजीव और सिपाही हेमंत कुमार घायल हो गए।
इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए इलाके को घेरकर 14 लोगों को पकड़ लिया। हमले के मामले में पुलिस ने टीला मोड़ थाने में 22 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस को गोदाम से 80 लाख के पटाखे मिले। पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि बेहद सटीक सूचना पर यह छापा मारा गया था। पटाखों का भंडारण दिवाली पर बेचने के लिए किया गया था। पुलिस टीम नासिर के गोदाम पर पहुंची तो पटाखों का जखीरा मिला।
इसे लेकर पुलिसवाले निकले ही थे कि नासिर के परिजनों और पड़ोस के लोगों ने हमला कर दिया। इस बीच नासिर और उसका पिता कलुवा भाग निकले। इसके बाद आसपास के थानों की फोर्स बुलाकर हमलावरों को पकड़ा गया। मुकदमे में सरकारी काम में बाधा डालना, जानलेवा हमला, पथराव, जान से मारने की धमकी देने की धाराएं लगाई गई हैं। फरार आरोपियों की तलाश चल रही है।
सिर और गर्दन में लगे पत्थर
हमले के दौरान पुलिस टीम ने खुद को बचाने का प्रयास किया लेकन हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और सिपाही हेमंत शर्मा पत्थर लगने से घायल हो गए। दोनों के सिर और गर्दन में पत्थर लगे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उपचार के बाद छुट्टी मिल गई। इसके बाद पुलिस ने हमलावरों की तलाश की तो वे घरों में छिप गए। कई लोग भाग निकले। देर रात तक दबिश दी गई लेकिन 14 के बाद कोई और हाथ नहीं आया।
ये पकड़े गए
सीओ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि फर्रुखनगर में देर रात तक चली कार्रवाई के दौरान आजाद, दिलशाद, शाहिद, इस्माइल, आरिफ, जमशेद, परवेज, शेरखान, मोहम्मद साजिद, इरफान, मुस्तकीम, अरमान, समीम और समा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी आरोपियों के मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।