तिहाड़ में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य पर एक बार फिर से सियासी घमासान बढ़ गया है। दिल्ली सरकार के मंत्री और आप सांसद लगातार केजरीवाल के स्वास्थ्य खराब होने का दावा कर रहे हैं, जबकि तिहाड़ जेल प्रशासन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। इन्हीं आरोपों के बीच तिहाड़ जेल नंबर दो के अधीक्षक ने दिल्ली सरकार के गृह विभाग के उप सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
तिहाड़ जेल नंबर दो के अधीक्षक ने दिल्ली सरकार के गृह विभाग के उप सचिव को पत्र में लिखा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का जेल में 8.5 किलोग्राम वजन कम नहीं हुआ है। जबकि दिल्ली सरकार के मंत्री, सांसद और पार्टी के अन्य नेता लगातार ऐसा दावा कर रहे हैं। एक अप्रैल को जब केजरीवाल पहली बार तिहाड़ आए थे, उस समय उनका वजन 65 किलोग्राम था। आठ अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच सीएम का वजन बढ़कर 66 किलोग्राम हो गया।
इसके बाद उन्हें चुनाव प्रचार के लिए नौ अप्रैल को जमानत मिल गई। वह वापस दो जून को जेल में आएं। दो जून को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का वजन 63.5 किलोग्राम था। वहीं 14 जुलाई को उनका वजन घटकर 61.5 किलोग्राम हो गया है। करीब सवा माह में करीब दो किलो वजन कम हुआ है। प्राथमिक जांच में पता चला कि वजन घटने के पीछे वह खुद हैं। उन्होंने जानबूझ ऐसा किया। इसके पीछे कुछ स्पष्ट कारण दिखते हैं। वह तीन जून से नियमित रूप से अपने घर से भेजा गया खाना वापस कर रहे थे। चुनाव प्रचार के बाद जेल वापस आने के अगले ही दिन से उन्होंने ऐसा करना शुरू कर दिया था। जबकि कोर्ट के आदेश के तहत उन्हें दिन में तीन बार घर का खाना मिलता है।