सबसे लंबा कार्यकाल शीला दीक्षित का रहा। शीला दीक्षित 1998 में दिल्ली की मुख्यमंत्री सीएम बनी और 15 सालों तक सीएम बनी रहीं और सुषमा स्वराज 1998 में केवल 52 दिनों के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री की कमान संभाली। आतिशी पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखती है। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई दिल्ली में हुई है। और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं।
ये हैं दिल्ली की महिला सीएम
1. सुषमा स्वराज- 12 अक्टूबर 1998 – 3 दिसम्बर 1998 (52 दिन तक दिल्ली की सीएम रहीं)
2. शीला दीक्षित - नई दिल्ली सीट- 3 दिसम्बर 1998 – 28 दिसम्बर 2013 (15 साल, 25 दिन तक दिल्ली की सीएम रहीं)
3. आतिशी - कालकाजी विधानसभा सीट - आम आदमी पार्टी- (विधायक दल की नेता चुनी गईं)
आतिशी शुरू से ही दिल्ली की शिक्षा क्रांति का महत्वपूर्ण चेहरा रही हैं। यह सभी जानते हैं कि शिक्षा मंत्री के तौर पर मनीष सिसोदिया ने जो काम किए उसमें आतिशी ने उन्हें काफी सहयोग किया। आतिशी ही मनीष सिसोदिया की सलाहकार रही हैं और हर रणनीति उन्होंने ही बनाई है। लेकिन अप्रैल 2018 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। आम आदमी पार्टी में की महिला नेता आतिशी एक होनहार स्टूडेंट, बेहतरीन टीचर होने के साथ ही शैक्षणिक योग्यता में भी अव्वल हैं। वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक हैं। वह शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए जानी जाती हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में सुधार का सबसे बड़ा श्रेय आतिशी को दिया जाता है। वह आप की राजनीति मामलों की समिति की सदस्य भी हैं।
साल 2020 में आतिशी पहली बार कालकाजी विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार धर्मवीर सिंह को 11 हजार 393 वोटों से मात दी थी। आतिशी का जन्म दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विजय कुमार सिंह और त्रिप्ता वाही के घर 8 जून 1981 को हुआ। आतिशी ने नई दिल्ली के स्प्रिंगडेल स्कूल में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। आतिशी ने सेंट स्टीफंस कॉलेज में इतिहास की पढ़ाई की। इसके बाद ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में शेवनिंग छात्रवृत्ति पर मास्टर की डिग्री हासिल की। कुछ साल बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड से शैक्षिक अनुसंधान में रोड्स स्कॉलर के रूप में अपनी दूसरी मास्टर डिग्री हासिल की।
आतिशी ने मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में सात साल बिताए थे, यहां वो जैविक खेती और प्रगतिशील शिक्षा प्रणालियों से जुड़ीं रहीं। उन्होंने वहां कई गैर-लाभकारी संगठनों के साथ भी काम किया था, यहां उनकी पहली बार आम आदमी पार्टी के कुछ सदस्यों से मुलाकात हुई थी, आतिशी आम आदमी पार्टी की स्थापना के समय से हैं। पार्टी के साथ दिल्ली सरकार में कई पदों पर जिम्मेदारी निभाई है।