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केवल 15 दिन आंदोलन स्थगित करने पर माने जाट नेता, शपथ ग्रहण में लखनऊ नहीं जा पाए सीएम

Mon, 20 Mar 2017 11:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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वार्ता करते सीएम खट्टर और जाट नेता। - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के सिर पर मंडरा रहा जाट बिरादरी के दिल्ली कूच का संकट फिलहाल टल गया है। केवल 15 दिन आंदोलन स्थगित करने पर जाट नेता माने। इस बैठक के कारण सीएम खट्टर योगी शपथ ग्रहण में नहीं जा पाए। 
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दिल्ली के सिर पर मंडरा रहा जाट बिरादरी के दिल्ली कूच का संकट फिलहाल टल गया है। हालांकि कुछ जगहों पर आरक्षण की मांग को लेकर सांकेतिक धरने जारी रहेंगे। रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की जाट आरक्षण संघर्ष समिति के मुखिया यशपाल मलिक सहित 5 दर्जन खाप पंचायत के प्रतिनिधियों के बीच चली करीब 5 घंटे की बातचीत के बाद आंदोलन को 15 दिन तक टालने पर सहमति बनी।

सोमवार को जाट बिरादरी के दिल्ली कूच कार्यक्रम को हर हाल में टालने के लिए भाजपा नेतृत्व और केंद्र सरकार ने पूरा जोर लगाया। इस कारण जहां सीएम मनोहर लाल उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जा सके।
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वहीं जाट बिरादरी से जुड़े दो केंद्रीय मंत्रियों चौधरी बीरेंद्र सिंह और पीपी चौधरी को भी वार्ता में शिरकत करने का निर्देश दिया। करीब 5 घंटे चली वार्ता के बाद सीएम ने आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी व मुआवजा देने, मुकदमे वापस लेने के लिए समीक्षा करने, राज्य में आरक्षण देने के लिए अदालत के निर्णय के बाद इस मामले को नवीं अनुसूची में डालने और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद केंद्र में भी आरक्षण देने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया। 
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यशपाल मलिक ने कहा, अब जाट दिल्ली नही आएंगे। 

वार्ता करते सीएम खट्टर और जाट नेता। - फोटो : अमर उजाला
वार्ता के बाद सीएम मनोहर लाल ने कहा कि गंभीर बातचीत के बाद सभी पक्ष आंदोलन टालने पर सहमत हुए हैं। हमने समिति की सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है।

केंद्र से जुड़ा पक्ष भी सामने लाने के लिए खास तौर से दो केंद्रीय मंत्रियों की ओर से स्थितियां स्पष्ट कर दी गईं। सरकार जाटों को आरक्षण देने के मामले में ईमानदार है। सीएम ने कहा कि न सिर्फ हरियाणा में बल्कि केंद्र में भी आरक्षण का लाभ देने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग की नियुक्तियां पूरी होते ही तेजी से कदम उठाए जाएंगे।

इस दौरान कानून राज्य मंत्री चौधरी ने कहा कि समस्या पूर्ववर्ती यूपीए सरकार द्वारा प्रक्रिया को पूरी किए बिना आधी अधूरी तैयारी के आरक्षण का प्रावधान करने से हुई। चूंकि प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, इसलिए मामला सुप्रीम कोर्ट में नहीं टिका।

संघर्ष समिति के मुखिया यशपाल मलिक ने कहा कि हमने 7 मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं। सरकार ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है। हम चाहते हैं कि सरकार अपने वायदे को समयबद्घ तरीके से ईमानदारी से पूरा करे। फिलहाल बातचीत के बाद हमने तय किया है कि हम आगे की कार्रवाई के लिए 15 दिन इंतजार करेंगे।
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ये मिला आश्वासन

वार्ता करते सीएम खट्टर और जाट नेता। - फोटो : अमर उजाला
-हाईकोर्ट के फैसले के तुरंत बाद राज्य सरकार आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में डालने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेजेगी
-घायलों को पहले ही मुआवजा राशि भेजी गई है। राशि बढ़ाने के लिए फिर से समीक्षा की जाएगी
- मृतकों के आश्रितों, विकलांग हुए युवकों को दो महीने केअंदर पक्की सरकारी नौकरी की व्यवस्था की जाएगी
- आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे की समीक्षा की जाएगी
-आंदोलन के दौरान अधिकारियों की भूमिका की जांच जल्द पूरी की जएगी
-राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के जरिए केंद्र में आरक्षण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी

आश्वासन के बाद भी केंद्र सतर्क
हालांकि संघर्ष समिति और खाप प्रतिनिधियों ने आंदोलन 15 दिन टालने की घोषणा की है, इसके बावजूद केंद्र सरकार सतर्क है। पहले से ही प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने केलिए करीब 25000 अर्द्घसैनिक बलों के जवानों को तैयार कर चुकी सरकार ने एहतियात के तौर पर इन जवानों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। इनमें से आधे सोमवार को विभिन्न जगहों पर मौजूद रहेंगे। अगर सोमवार को स्थिति सामान्य रही तो इन्हें वापस बुला लिया जाएगा।
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