छात्र से डॉक्टर बनने वालों को डिग्री देने से पहले प्रधानमंत्री ने एम्स में उनकी अंतिम क्लास ली। इस दौरान मोदी ने कहा कि अब कर्ज चुकाने की बारी डिग्रीधारकों की है, इसलिए साल में 7 दिन ही सही देश के किसी भी राज्य के दूरदराज के इलाकों में जाकर गरीब मरीजों का इलाज जरूर करें।
मोदी ने छात्रों को कहा कि अब आप छोटे क्लासरूम से बडे़ क्लासरूम में जा रहे हैं। आपका हाथ पकड़ने वाला कोई नहीं है। अब आपको जिम्मेदार बनना होगा और जिम्मेदारी लेनी होगी। अभी तक आपकी गलती को सुधारने के लिए आपके सीनियर और प्रोफेसर साथ थे, लेकिन अब आपको स्वयं निर्णय लेना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आप जब पहली बार दिल्ली आए होंगे तब आपको किसी ऑटोवाले ने यहां पहुंचाया होगा, सर्दी के मौसम में देर रात चायवाले ने आपके कहने पर दुकान खोलकर चाय पिलाई होगी और उसके बाद आपने फिर से पढ़ाई शुरू की होगी।